हरियाणा में कांग्रेस ने करीब 12 वर्षों बाद अपने ब्लॉक स्तर के संगठन की घोषणा कर दी है। पार्टी द्वारा जारी सूची में 103 ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। लंबे समय से लंबित संगठनात्मक ढांचे को सक्रिय करने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इससे जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बेहतर होगा।
घोषित सूची में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। हालांकि कुछ जिलों के ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति फिलहाल लंबित रखी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन जिलों में नामों को लेकर अंतिम सहमति बनने के बाद अलग से घोषणा की जा सकती है।
सूची जारी होने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर विभिन्न नेताओं और गुटों की सक्रियता भी देखने को मिली। कांग्रेस के भीतर लंबे समय से संगठन विस्तार की मांग उठती रही थी और अब इस घोषणा को उसी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ब्लॉक स्तर का संगठन किसी भी राजनीतिक दल की जमीनी ताकत का आधार होता है। ऐसे में इन नियुक्तियों का असर भविष्य की राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों पर भी पड़ सकता है। पार्टी अब बूथ और ब्लॉक स्तर पर संगठन को अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में काम कर सकती है।
घोषित पदाधिकारियों को स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। आने वाले समय में इन पदाधिकारियों की कार्यशैली और संगठनात्मक सक्रियता पर भी नजर रहेगी।
सूची को लेकर कुछ क्षेत्रों में संतोष और कुछ जगहों पर असंतोष की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संगठन को मजबूत करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का प्रयास किया गया है।
फिलहाल ब्लॉक संगठन की घोषणा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई सक्रियता देखने को मिल रही है। अब सभी की नजर उन जिलों पर है जहां नियुक्तियां अभी बाकी हैं और भविष्य में संगठन के अगले चरण की घोषणाएं की जा सकती हैं।
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