चंडीगढ़: पर्ल्स ग्रुप से जुड़े मामले में जांच एजेंसी ने हरियाणा के एक जिला राजस्व अधिकारी (DRO) को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान दावा किया गया है कि आरोपी ने लगभग ₹2.4 करोड़ की नकदी तीन अलग-अलग राज्यों में छिपाकर रखी थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और कथित रूप से राजस्थान में जाकर छिपने का प्रयास किया। तकनीकी निगरानी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाकर उसे गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान एक तहसीलदार के बयान का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें आरोपी को कथित तौर पर इस पूरे मामले का साझेदार बताया गया है। एजेंसियां अब इस दावे की भी जांच कर रही हैं और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कथित नकदी कहां से आई, किन-किन स्थानों पर रखी गई और इस पूरे नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका रही।
महत्वपूर्ण: ₹2.4 करोड़ नकदी छिपाने, साझेदारी और अन्य आरोप जांच एजेंसी के दावों पर आधारित हैं। आरोपी का दोष न्यायालय में सिद्ध होना शेष है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
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