हाथ में मशाल लेकर गुरुग्राम की सड़कों पर उतरे कांग्रेसी: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया छात्रों की जीत

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Gurugram News

हरियाणा के गुरुग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विरोध मार्च निकाला। कार्यकर्ता हाथों में मशाल लेकर सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने प्रधान के इस्तीफे को विपक्ष और छात्रों की जीत बताया।

मशाल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उनका दावा था कि जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन और उससे जुड़े विवाद के बाद लगातार विरोध हुआ, जिसके दबाव में केंद्र सरकार को कदम उठाना पड़ा।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा केवल एक राजनीतिक घटनाक्रम नहीं, बल्कि छात्रों और विपक्ष की ओर से उठाई गई आवाज की सफलता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया।

मशाल मार्च में शामिल कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों और प्रदर्शन के दौरान सामने आए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही प्रदर्शनकारियों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती नहीं होने की बात कही गई।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है। उनका आरोप था कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनके साथ बातचीत करनी चाहिए थी।

मशाल मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और आगे भी छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने की बात कही।

हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों और विपक्ष की जीत बताना कांग्रेस कार्यकर्ताओं का राजनीतिक दावा है। इस दावे पर केंद्र सरकार या भाजपा की प्रतिक्रिया अलग से सामने आ सकती है।

गुरुग्राम में हुए इस प्रदर्शन के बाद छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह इन मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी।

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