हरियाणा के रेवाड़ी में महिला पार्षद के साथ जमीन के दस्तावेजों में कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। महिला पार्षद ने आरोप लगाया है कि जमीन से जुड़े कागजात पर हस्ताक्षर कराने के बाद उनमें नया खसरा नंबर जोड़ दिया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
महिला पार्षद के अनुसार, जमीन से संबंधित दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। इसी दौरान उनसे कागजात पर हस्ताक्षर करवाए गए। आरोप है कि हस्ताक्षर करने के बाद दस्तावेजों में बदलाव किया गया और उसमें एक नया खसरा नंबर जोड़ दिया गया।
मामला सामने आने के बाद महिला पार्षद ने दस्तावेजों की जांच की और कथित बदलाव को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव किया गया है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अब जमीन से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है। मामले में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दस्तावेज में कथित तौर पर खसरा नंबर कब और किसके द्वारा जोड़ा गया। इसके साथ ही हस्ताक्षर कराने की प्रक्रिया और संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
दस्तावेजों में छेड़छाड़ और धोखाधड़ी के आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दस्तावेजों में वास्तव में कोई अनधिकृत बदलाव हुआ था या नहीं।
जमीन से जुड़े मामलों में खसरा नंबर महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होता है, इसलिए इस मामले में राजस्व विभाग के दस्तावेज और संबंधित रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
महिला पार्षद ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर तथ्यों और दस्तावेजों की जांच में जुटी है।
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