निसंतान बहन के लिए डॉल वाली कांवड़ लेकर निकला भाई, रोज 35KM पैदल सफर; 12 साल बाद मिली खुशखबरी

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Sonipat News

सोनीपत में भाई-बहन के रिश्ते और आस्था की अनोखी मिसाल सामने आई है। एक मुंहबोला फौजी भाई अपनी निसंतान बहन के लिए डॉल वाली कांवड़ लेकर यात्रा कर रहा है। वह रोज करीब 35 किलोमीटर पैदल चल रहा है। लगातार पैदल चलने से उसके पैरों में छाले पड़ गए हैं, लेकिन इसके बावजूद उसने यात्रा जारी रखी है।

बताया जा रहा है कि बहन को शादी के करीब 12 साल बाद संतान की खुशखबरी मिली है। इसी खुशी और भगवान शिव के प्रति आस्था के चलते भाई ने बहन के लिए विशेष कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया।

इस कांवड़ में डॉल को विशेष रूप से सजाया गया है। भाई इसे अपनी बहन के लिए आस्था और खुशी के प्रतीक के तौर पर लेकर चल रहा है। यात्रा के दौरान वह रोज करीब 35 किलोमीटर पैदल सफर कर रहा है।

लंबी दूरी तय करने के कारण उसके पैरों में छाले पड़ गए हैं। दर्द और थकान के बावजूद वह अपनी यात्रा रोकने के लिए तैयार नहीं है। उसका कहना है कि बहन की खुशी उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है और इसी भावना के साथ वह कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहा है।

मुंहबोले भाई-बहन का यह रिश्ता खून के रिश्ते से अलग होने के बावजूद बेहद मजबूत बताया जा रहा है। बहन के जीवन में लंबे इंतजार के बाद आई खुशखबरी ने भाई के संकल्प को और खास बना दिया।

कांवड़ यात्रा के दौरान रास्ते में लोग इस अनोखी कांवड़ को देखकर रुक रहे हैं। डॉल से सजी कांवड़ और पैरों में छाले होने के बावजूद रोज 35 किलोमीटर चल रहे श्रद्धालु का VIDEO भी सामने आया है।

कांवड़ यात्रा में श्रद्धालु अलग-अलग तरह के संकल्प लेकर भगवान शिव की आराधना करते हैं। कोई लंबी दूरी पैदल तय करता है तो कोई विशेष कांवड़ लेकर अपनी मनोकामना और आस्था प्रकट करता है।

सोनीपत के इस श्रद्धालु की यात्रा भी इसी तरह की भावनात्मक आस्था से जुड़ी हुई है। बहन के लिए की जा रही यह कांवड़ यात्रा अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

भाई का कहना है कि वह अपनी यात्रा पूरी करके भगवान शिव का जलाभिषेक करेगा और अपनी बहन के लिए सुख-समृद्धि की कामना करेगा। 12 साल के लंबे इंतजार के बाद परिवार में आई खुशी के बीच यह कांवड़ यात्रा उनके लिए यादगार बन गई है।

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