पानीपत में दिव्यांग महिला की जमीन हड़पने की कोशिश, फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से ₹10 लाख में सौदा

3
Panipat News

हरियाणा के पानीपत में 70 प्रतिशत दिव्यांग महिला की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला के 70 गज के प्लॉट को कुछ लोगों ने फर्जी जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) तैयार कर करीब 10 लाख रुपए में बेचने की डील कर ली। प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू होने के बाद मामले का खुलासा हुआ।

जानकारी के अनुसार, महिला के नाम पर 70 गज का एक प्लॉट दर्ज है। आरोप है कि कुछ लोगों ने महिला की जानकारी और सहमति के बिना फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद फर्जी GPA के आधार पर प्लॉट का सौदा करीब 10 लाख रुपए में तय कर दिया गया।

मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की गई। निर्माण गतिविधि देखकर महिला के परिवार को जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े का शक हुआ। दस्तावेजों की जांच कराई गई तो कथित तौर पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए संपत्ति का सौदा किए जाने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद पीड़ित पक्ष ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि महिला की दिव्यांगता का फायदा उठाकर उसकी संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जांच के दौरान पुलिस जमीन से संबंधित दस्तावेज, GPA और रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी। यह भी पता लगाया जाएगा कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए और प्लॉट के सौदे में कौन-कौन लोग शामिल थे।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि संपत्ति के संबंध में कोई फर्जी हस्ताक्षर, पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज तो इस्तेमाल नहीं किए गए। दस्तावेजों की सत्यता की जांच के बाद मामले में शामिल आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

पीड़ित परिवार का कहना है कि महिला की जमीन को हड़पने की कोशिश की गई और निर्माण शुरू होने के बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

संपत्ति से जुड़े मामलों में फर्जी GPA के जरिए जमीन का सौदा करने के आरोप बेहद गंभीर माने जाते हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की जांच और संबंधित रिकॉर्ड की पुष्टि महत्वपूर्ण होती है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि फर्जीवाड़े में कौन-कौन शामिल था और जमीन के सौदे के लिए किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

Loading