सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सदर थाना सफीदों में दर्ज मारपीट के एक मामले में जांच अधिकारी पीएसआई संदीप कुमार पर रिश्वत मांगने और 50 हजार रुपये लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि जांच के नाम पर पुलिसकर्मी ने एक लाख रुपये की मांग की थी, जिसके बाद 50 हजार रुपये दिए गए। आरोप है कि रकम पुलिसकर्मी ने फाइल में रखवा ली। इस पूरे घटनाक्रम का कथित वीडियो और बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद मामला पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया। मामले में जींद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पीएसआई संदीप कुमार को लाइन हाजिर कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार पानीपत निवासी नंदराम शर्मा ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक हरियाणा व जींद के पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। शिकायत में नंदराम शर्मा ने बताया कि उसके रिश्तेदार गांव हाट निवासी राजवीर की शिकायत पर 4 जुलाई को सफीदों सदर थाना में मुकदमा नंबर 161 दर्ज किया गया था। मामले में गांव के लोगों पर तलवारों और लाठी-डंडों से हमला करने के गंभीर रूप से घायल करने के आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था और इसकी जांच पीएसआई संदीप कुमार को सौंपी गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पीड़ित पक्ष ने जांच अधिकारी से कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि 30 जुलाई को पीएसआई संदीप कुमार गांव हाट निवासी राजवीर के मकान पर सुल्तान के बयान लेने के बहाने पहुंचा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां मामले में कार्रवाई और जांच आगे बढ़ाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन पुलिसकर्मी की कथित मांग के बाद 50 हजार रुपये दिए गए। आरोप है कि पीएसआई ने यह रकम अपनी फाइल में रखवा ली। शिकायतकर्ता पक्ष ने इसी दौरान रुपये दिए जाने की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कर ली। बाद में कथित बातचीत का ऑडियो भी आया। शिकायत में आगे कहा गया है कि 31 जुलाई को शिकायतकर्ता ने अपने मोबाइल फोन से पुलिसकर्मी के पास व्हाट्सऐप कॉल की और मामले में कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए दिए गए पैसे वापस मांगने की बात कही। इस बातचीत में पुलिसकर्मी ने कार्रवाई करने की बात कही। नंदराम शर्मा ने अधिकारियों को दी शिकायत में कहा है कि उनका उद्देश्य रिश्वत देना नहीं, बल्कि कथित भ्रष्टाचार को उजागर करना था। उनका दावा है कि पूरे घटनाक्रम को ऑडियो और वीडियो के रूप में रिकॉर्ड किया गया है और आवश्यकता पड़ने पर जांच के दौरान संबंधित साक्ष्य पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराए जा सकते हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिसकर्मी के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में मामला दर्ज करने और विभागीय कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंची। डीजीपी के आदेशों के बाद जींद के पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के आदेश पर पीएसआई संदीप कुमार को 9 अगस्त को लाइन हाजिर कर दिया गया। साथ ही मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
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