सिरसा नगर परिषद में वाइस चेयरमैन चुनाव की हलचल तेज, BJP-कांडा गुटों में बढ़ी सियासी खींचतान

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Sirsa Municipal Council

सिरसा नगर परिषद में वाइस चेयरमैन के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव जल्द होने की संभावना के बीच पार्षदों ने अपने-अपने स्तर पर समर्थन जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। नगर परिषद की राजनीति में बीजेपी और कांडा गुट के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है।

वाइस चेयरमैन का पद लंबे समय से चर्चा में है। अब चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद के साथ पार्षदों की सक्रियता भी बढ़ गई है। संभावित उम्मीदवार अपने पक्ष में पार्षदों का समर्थन जुटाने के लिए संपर्क साध रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में नगर परिषद की राजनीति और गरमा सकती है।

बीजेपी और कांडा गुट दोनों ही अपने समर्थक उम्मीदवार को मैदान में उतारने की तैयारी में बताए जा रहे हैं। पार्षदों के बीच बैठकों और आपसी बातचीत का दौर शुरू हो चुका है। चुनाव में किस उम्मीदवार को कितने पार्षदों का समर्थन मिलता है, यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल बना हुआ है।

बीजेपी जिलाध्यक्ष की ओर से कहा गया है कि वाइस चेयरमैन पद के लिए पैनल भेजा जा चुका है। अब पार्टी स्तर पर आगे की प्रक्रिया और निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। पार्टी के पैनल में शामिल नामों में से किसे समर्थन दिया जाता है, इस पर भी पार्षदों और स्थानीय नेताओं की नजर है।

वहीं, कांडा गुट भी अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने में जुटा है। नगर परिषद में पार्षदों की संख्या और उनके समर्थन को लेकर दोनों पक्षों की ओर से रणनीति बनाई जा रही है। चुनाव से पहले समर्थन का आंकड़ा अपने पक्ष में करने के लिए लगातार संपर्क अभियान चलने की संभावना है।

नगर परिषद के वाइस चेयरमैन का चुनाव स्थानीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस पद पर चुना जाने वाला व्यक्ति नगर परिषद के कामकाज में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में चुनाव को लेकर दोनों राजनीतिक खेमों में उत्सुकता बनी हुई है।

पार्षदों की लॉबिंग शुरू होने के बाद अब राजनीतिक चर्चाओं का दौर भी तेज हो गया है। कौन पार्षद किस गुट के साथ खड़ा होता है और अंतिम समय तक समीकरण किस तरह बदलते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

फिलहाल चुनाव की तारीख और उम्मीदवारों को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। बीजेपी की ओर से पैनल भेजे जाने के बाद पार्टी के अंतिम फैसले का इंतजार है। दूसरी ओर कांडा गुट भी अपने समर्थन का आधार मजबूत करने में जुटा हुआ है।

आने वाले दिनों में दोनों गुटों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। वाइस चेयरमैन चुनाव के लिए होने वाली बैठकों और पार्षदों के समर्थन से ही अंतिम राजनीतिक तस्वीर स्पष्ट होगी।

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