हरियाणा में ट्रेनी डॉक्टरों से छेड़छाड़ के मामले के बाद घटनास्थल तक जाने वाले रास्ते का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में रास्ते पर घना अंधेरा दिखाई दे रहा है और वहां कोई सुरक्षा गार्ड नजर नहीं आ रहा। आरोप है कि इसी रास्ते पर लेबर से जुड़े कुछ लोगों ने ट्रेनी डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके प्राइवेट पार्ट्स छुए। करीब 30 मिनट के भीतर दो बार ऐसी घटना होने का दावा किया गया है।
बताया जा रहा है कि मेडिकल संस्थान में प्रशिक्षण ले रही डॉक्टरों के साथ यह घटना रात के समय हुई। घटना के बाद परिसर और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सामने आए वीडियो में जिस रास्ते का जिक्र किया जा रहा है, वहां रोशनी की व्यवस्था बेहद कम दिखाई देती है। रास्ते पर सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी भी नजर नहीं आती। ऐसे में रात के समय वहां से गुजरने वाले मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पीड़ित ट्रेनी डॉक्टरों का आरोप है कि रास्ते में मौजूद कुछ लोगों ने उनके साथ छेड़छाड़ की। आरोपों के अनुसार, करीब आधे घंटे के भीतर दो अलग-अलग घटनाएं हुईं। घटना के बाद पीड़ितों ने मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। घटना के समय रास्ते पर कौन-कौन लोग मौजूद थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल सकती है। वीडियो फुटेज से घटना के समय वहां मौजूद संदिग्ध लोगों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
लेबर से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में कितने लोग शामिल थे और वे वहां किस काम के लिए मौजूद थे।
मामले में पीड़ित ट्रेनी डॉक्टरों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। उनके बयानों के आधार पर घटना का पूरा क्रम समझने और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा।
घटना के बाद मेडिकल संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। रात के समय महत्वपूर्ण रास्तों पर पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी को लेकर प्रशासन से जवाब मांगा जा सकता है।
मेडिकल संस्थानों में ट्रेनी डॉक्टर और अन्य स्टाफ अक्सर देर रात तक ड्यूटी करते हैं। ऐसे में अस्पताल और हॉस्टल के बीच आने-जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था का मजबूत होना जरूरी माना जाता है।
सामने आए वीडियो ने भी सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाई है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि घटनास्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे, तो संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगा जा सकता है।
पुलिस घटना के समय की परिस्थितियों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
मामले को लेकर मेडिकल स्टाफ और छात्रों में भी चिंता का माहौल है। सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।
घटना की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल सामने आए वीडियो और पीड़ितों के आरोपों के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
प्रशासन के सामने अब ट्रेनी डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ घटनास्थल पर प्रकाश और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती भी है।
फिलहाल छेड़छाड़ के आरोपों की जांच जारी है। पुलिस आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है।
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