कुरुक्षेत्र में हथियारों की पहचान और बरामदगी की कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने हथियारों की शिनाख्त कराने के लिए ले जाते समय पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों को एक मामले की जांच के सिलसिले में हथियारों की पहचान और बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों आरोपियों को गोली लगी और वे घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को काबू कर लिया और अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार, घायल आरोपियों का संबंध एक बड़ी डकैती के मामले से है। आरोप है कि कुरुक्षेत्र में एक एडवोकेट के घर से करीब 3.15 करोड़ रुपये की संपत्ति की डकैती की गई थी। पुलिस इसी मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही थी।
डकैती के मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास हथियार होने की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर पुलिस टीम उन्हें हथियारों की पहचान और बरामदगी के लिए लेकर गई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग के दौरान आरोपियों के पास कौन-कौन से हथियार थे और वे कहां से हासिल किए गए थे। मौके से हथियार और अन्य सामान बरामद किए जाने की संभावना है।
घटना के बाद पुलिस ने इलाके को सुरक्षित किया और मौके से साक्ष्य जुटाए। फायरिंग की जगह की भी जांच की गई। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने किस स्थान से फायरिंग की।
घायल दोनों आरोपियों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। उनकी हालत और चोटों से जुड़ी जानकारी मेडिकल जांच के बाद स्पष्ट होगी।
पुलिस टीम पर फायरिंग के मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह जांच करेगी कि आरोपियों ने किस परिस्थिति में हथियार चलाए और पुलिस टीम पर फायरिंग करने की कोशिश क्यों की।
एडवोकेट के घर हुई करोड़ों रुपये की डकैती के मामले में पुलिस पहले से जांच कर रही थी। अब इस एनकाउंटर के बाद आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और डकैती में इस्तेमाल किए गए हथियारों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
जांच अधिकारी आरोपियों से पूछताछ कर डकैती में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास करेंगे। डकैती में लूटी गई संपत्ति की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है।
पुलिस CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी मामले की कड़ियां जोड़ सकती है। डकैती से पहले और बाद में आरोपियों की गतिविधियों की जांच की जा सकती है।
घटना के बाद पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है। हथियारों की बरामदगी और आरोपियों से जुड़े नेटवर्क की जांच को लेकर पुलिस की कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने कार्रवाई के दौरान फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वे घायल हुए। हालांकि एनकाउंटर से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
करोड़ों रुपये की डकैती के मामले में यह कार्रवाई पुलिस जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब बरामद हथियारों, आरोपियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।
फिलहाल दोनों घायल आरोपियों का अस्पताल में उपचार चल रहा है और पुलिस डकैती तथा फायरिंग से जुड़े मामलों की जांच आगे बढ़ा रही है।
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