मेडलिस्ट पहलवान पर ड्रग सप्लाई का आरोप, 3 साल से फरार चल रहा आरोपी गिरफ्तार

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National Medalist

हरियाणा के एक नेशनल मेडलिस्ट रेसलर को ड्रग तस्करी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर झारखंड से नशीला पदार्थ लाकर अखाड़ों में सप्लाई करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले करीब तीन साल से फरार चल रहा था और अदालत उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी थी।

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी का संबंध कुश्ती और अखाड़ों से रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके इस पहलवान पर आरोप है कि उसने खेल से जुड़े अपने संपर्कों का इस्तेमाल नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए किया।

बताया जा रहा है कि आरोपी झारखंड से ड्रग लेकर हरियाणा पहुंचता था। इसके बाद कथित तौर पर इसे अलग-अलग अखाड़ों और युवाओं तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे।

मामले में आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। अदालत की ओर से उसे भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। करीब तीन साल तक फरार रहने के बाद अब पुलिस टीम ने उसे काबू कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह झारखंड से किसके माध्यम से नशीला पदार्थ हासिल करता था और हरियाणा में किन लोगों को इसकी सप्लाई की जाती थी।

पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्कों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। इससे कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कितनी बार झारखंड से नशीला पदार्थ मंगवाया और इसकी सप्लाई किन-किन स्थानों पर की। पुलिस उसके बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय गतिविधियों की भी जांच कर सकती है।

अखाड़ों में ड्रग सप्लाई का आरोप सामने आने के बाद खेल जगत में भी चिंता बढ़ी है। युवा खिलाड़ियों को नशे से दूर रखने के लिए खेल संस्थानों और प्रशिक्षकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए भी विशेष टीमें काम कर रही हैं।

आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मामले और अदालत की कार्रवाई की भी जानकारी जुटाई जा रही है। भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि आरोपी ने फरारी के दौरान किन स्थानों पर शरण ली और किन लोगों ने उसकी मदद की। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

मामले में नशीले पदार्थ की सप्लाई से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। पुलिस नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

नेशनल स्तर पर पदक जीत चुके खिलाड़ी का नाम ड्रग तस्करी के मामले में सामने आने से इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। हालांकि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

फिलहाल पुलिस ने तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ के आधार पर कथित ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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