सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर सैलजा का सरकार पर हमला, बोलीं- वादे निभाए BJP

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Selja

हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार से सफाई कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उनके साथ किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से किए गए कई समझौते और घोषणाएं धरातल पर लागू नहीं हो पाई हैं।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। जगह-जगह कचरा जमा होने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सैलजा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

सैलजा ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे रोजाना कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन उनकी मांगों पर स्थायी निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि केवल घोषणा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को उसका वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।

उन्होंने भाजपा सरकार से वादाखिलाफी बंद करने और सफाई कर्मचारियों के साथ किए गए समझौतों को लागू करने की मांग की। सैलजा के अनुसार, कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय तक लंबित रखने से हड़ताल की स्थिति पैदा होती है और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते नगर निकायों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नियमित सफाई और कचरा उठाने का काम प्रभावित होने से शहरों में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।

सैलजा ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए जिससे कर्मचारियों को न्याय मिले और शहरों की सफाई व्यवस्था भी जल्द सामान्य हो।

कांग्रेस की ओर से सफाई कर्मचारियों के समर्थन में सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई जा रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा।

वहीं, सरकार की ओर से कर्मचारियों की मांगों और हड़ताल को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजर है। प्रशासन के लिए हड़ताल खत्म कराने के साथ-साथ शहरों में सफाई व्यवस्था बहाल करना भी जरूरी है।

सफाई कर्मचारियों के संगठन अपनी मांगों पर कायम हैं और उनका कहना है कि जब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रखा जा सकता है।

सैलजा ने सरकार से अपील की कि कर्मचारियों के साथ किए गए समझौतों को केवल कागजों या घोषणाओं तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने फैसलों को समयबद्ध तरीके से लागू करना चाहिए।

हड़ताल लंबी चलने की स्थिति में शहरों में कचरा जमा होने और स्वच्छता संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार और कर्मचारियों के बीच जल्द सहमति बनना जरूरी माना जा रहा है।

फिलहाल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर हरियाणा की राजनीति भी गरमा गई है। सैलजा के बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार पर कर्मचारियों के साथ किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है।

अब देखना होगा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है और हड़ताल खत्म कराने के लिए बातचीत की दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।

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