हरियाणवी सिंगर की हत्या से एक घंटे पहले आई थी पोस्ट, चार गोलियां मारने का आरोप; गैंग ने ली जिम्मेदारी

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Haryanvi Singer Murder

हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े एक सिंगर की गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है। घटना से करीब एक घंटे पहले सोशल मीडिया पर “मर्डर मार दे सड़क के ऊपर” जैसी पंक्ति वाली पोस्ट किए जाने की बात सामने आई है। इसके कुछ समय बाद ही सिंगर पर कथित तौर पर चार गोलियां चलाई गईं। हत्या के बाद एक गैंग ने सोशल मीडिया के जरिए वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा करते हुए सिंगर पर अपने विरोधियों का समर्थन करने का आरोप लगाया है। पुलिस हत्या और गैंग के दावे की जांच कर रही है।

सिंगर की हत्या के बाद उसकी सोशल मीडिया गतिविधियां भी पुलिस जांच के दायरे में आ गई हैं। घटना से कुछ समय पहले की गई पोस्ट को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि पोस्ट किस संदर्भ में की गई थी और क्या इसका हत्या से कोई संबंध था या यह महज संयोग था।

इसके लिए पोस्ट किए जाने का सही समय, अकाउंट की गतिविधियां और उससे पहले किए गए मैसेज या अन्य ऑनलाइन संपर्क महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

बताया जा रहा है कि पोस्ट के करीब एक घंटे बाद सिंगर पर हमला हुआ। हमलावरों ने उस पर कथित तौर पर चार गोलियां चलाईं।

गोलियां लगने से सिंगर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।

वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। वहां से मिले भौतिक साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।

पुलिस पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के जरिए यह पता लगाएगी कि कितनी गोलियां लगीं और हमले में किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया।

घटनास्थल से खोखे बरामद हुए हैं तो उन्हें बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा जा सकता है। इससे इस्तेमाल किए गए हथियार के बारे में जानकारी मिलने में मदद होगी।

हत्या के बाद मामले में गैंग कनेक्शन का दावा भी सामने आया है। एक कथित गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही है।

गैंग की ओर से दावा किया गया कि सिंगर उनके विरोधियों का समर्थन करता था। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच से होना बाकी है।

सोशल मीडिया पर किसी गैंग के नाम से की गई पोस्ट को सीधे प्रमाण नहीं माना जा सकता। पुलिस को पहले यह स्थापित करना होगा कि संबंधित अकाउंट वास्तव में उसी गैंग या उससे जुड़े किसी व्यक्ति द्वारा संचालित किया जा रहा था।

साइबर टीम पोस्ट करने वाले अकाउंट का डिजिटल रिकॉर्ड, लॉग और अन्य तकनीकी जानकारी खंगाल सकती है।

पुलिस सिंगर की कॉल डिटेल और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर सकती है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि हत्या से पहले उसे कोई धमकी मिली थी या नहीं।

सिंगर के दोस्तों, परिवार और म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के बयान भी महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि उसका किसी व्यक्ति या समूह से पहले कोई विवाद था या नहीं।

यदि उसे पहले धमकियां मिली थीं तो उनसे संबंधित शिकायत, कॉल रिकॉर्ड या मैसेज हत्या की जांच में अहम कड़ी साबित हो सकते हैं।

वारदात वाली जगह और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है। इससे हमलावरों की संख्या, उनके वाहन और भागने के रास्ते का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

पुलिस गैंगवार, व्यक्तिगत रंजिश और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच आगे बढ़ा सकती है।

फिलहाल सिंगर की हत्या से करीब एक घंटे पहले की सोशल मीडिया पोस्ट और बाद में सामने आए कथित गैंग के जिम्मेदारी लेने के दावे ने मामले को गंभीर बना दिया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, CCTV फुटेज और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर हत्या की वास्तविक वजह और हमलावरों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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