हरियाणा विधानसभा में एंट्री को लेकर हंगामा, हुड्डा ने लगाए धक्का-मुक्की के आरोप; स्पीकर से हुई बहस

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Haryana Assembly

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन में उस समय माहौल गरमा गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा के गेट पर उनके साथ धक्का-मुक्की किए जाने का मुद्दा उठाया। हुड्डा ने नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि क्या उन्हें रोकने के लिए “गुंडे भेजे गए थे।” इस पर विधानसभा स्पीकर ने जवाब देते हुए कहा कि सदन और विधानसभा परिसर में नियम-कायदे देखना उनकी जिम्मेदारी है।

मानसून सत्र की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही कई मुद्दों को लेकर राजनीतिक तनातनी बनी हुई थी। इसी बीच हुड्डा ने विधानसभा में प्रवेश के दौरान हुई कथित घटना का मामला सदन में उठा दिया।

हुड्डा ने कहा कि विधानसभा के गेट पर उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सदन में तीखे अंदाज में पूछा कि उन्हें रोकने या धक्का देने के लिए आखिर किसे भेजा गया था। उनकी टिप्पणी के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई।

हुड्डा के आरोपों पर विधानसभा स्पीकर ने भी अपना पक्ष रखा। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर में नियम और व्यवस्थाएं लागू कराना उनकी जिम्मेदारी है।

स्पीकर की ओर से कहा गया कि नियम-कायदों को किस तरह लागू करना है, यह विधानसभा प्रशासन को देखना होता है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ समय तक तीखी नोकझोंक होती रही।

कांग्रेस विधायकों ने भी हुड्डा से जुड़े मामले को लेकर आपत्ति जताई। विपक्ष का कहना था कि एक वरिष्ठ विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर विषय है।

वहीं विधानसभा की सुरक्षा और प्रवेश से संबंधित व्यवस्था निर्धारित नियमों के तहत संचालित होती है। सत्र के दौरान सुरक्षा के कारण परिसर में आने-जाने वालों की जांच और प्रवेश प्रक्रिया सामान्य दिनों की तुलना में अधिक सख्त रहती है।

अब यह सवाल भी उठ रहा है कि गेट पर वास्तव में क्या हुआ था और किन परिस्थितियों में हुड्डा ने अपने साथ धक्का-मुक्की होने का आरोप लगाया।

घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग से पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। जरूरत पड़ने पर विधानसभा प्रशासन संबंधित कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों से भी जानकारी ले सकता है।

मानसून सत्र से पहले ही भाजपा और कांग्रेस ने अलग-अलग बैठकें कर अपनी रणनीति तैयार की थी। कांग्रेस ने कई जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है।

सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, किसानों और कर्मचारियों की समस्याओं के साथ प्रदेश में हाल की घटनाओं को लेकर भी सरकार से सवाल किए जाने की संभावना है।

गुरुग्राम में बारिश के बाद हुए जलभराव का मुद्दा भी प्रदेश की राजनीति में गर्माया हुआ है। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं।

इसके अलावा विधानसभा में नए विधेयकों और अन्य विधायी कार्यों को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिल सकती है।

हुड्डा समेत कांग्रेस विधायकों से जुड़े विशेषाधिकार के मुद्दे के कारण भी सत्र की राजनीतिक अहमियत बढ़ी हुई है।

ऐसे माहौल में विधानसभा गेट पर कथित धक्का-मुक्की का मामला सामने आने से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव और बढ़ गया है।

कांग्रेस इस घटना को वरिष्ठ विपक्षी नेता के साथ व्यवहार का मुद्दा बना सकती है। दूसरी ओर विधानसभा प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन का पक्ष सामने रख सकता है।

घटना पर किसी तरह की प्रशासनिक जांच या CCTV फुटेज की समीक्षा होती है तो उससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रवेश के दौरान विवाद कैसे शुरू हुआ था।

फिलहाल हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा गेट पर धक्का-मुक्की का आरोप लगाए जाने के बाद हंगामा देखने को मिला। हुड्डा ने तीखे सवाल उठाए, जबकि स्पीकर ने स्पष्ट किया कि विधानसभा के नियम-कायदों और व्यवस्थाओं को देखना उनकी जिम्मेदारी है।

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