गुरुग्राम के छठ घाट पर तालाब में डूबा बच्चा, साथियों संग नहाने गया था; बचाने दौड़े लोग

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Gurugram News

गुरुग्राम में छठ घाट के तालाब में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चा अन्य बच्चों के साथ तालाब में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथ मौजूद बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे बचाने का प्रयास किया। घटना के बाद बच्चे के परिवार में मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार बच्चा अपने कुछ साथियों के साथ छठ घाट की तरफ गया था। वहां बने तालाब में बच्चे नहाने के लिए उतर गए।

नहाते समय बच्चा अचानक गहरे पानी में चला गया। पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और डूबने लगा।

बच्चे को परेशानी में देखकर उसके साथ मौजूद बच्चों ने मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया।

बच्चों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़कर तालाब के पास पहुंचे। लोगों ने बच्चे को बचाने के लिए पानी में तलाश शुरू की।

काफी प्रयास के बाद बच्चे को तालाब से बाहर निकाला गया। तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलने पर बच्चे के परिजन भी मौके पर पहुंचे। उसे बचाने के लिए तत्काल जरूरी प्रयास किए गए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अचानक हुए हादसे से आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए।

मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

पुलिस साथ में नहाने गए बच्चों और आसपास मौजूद लोगों से भी घटनाक्रम के बारे में जानकारी ले सकती है।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बच्चा तालाब के किस हिस्से में डूबा और वहां पानी की गहराई कितनी थी।

छठ घाट जैसे सार्वजनिक स्थान पर बने तालाब के आसपास सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, यह सवाल भी घटना के बाद महत्वपूर्ण हो गया है।

यदि तालाब गहरा है तो वहां चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी या नहीं, इसकी जानकारी भी जुटाई जा सकती है।

बच्चों के आसानी से तालाब तक पहुंचने की स्थिति में हादसों का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से ऐसे बच्चे जिन्हें तैरना नहीं आता, उनके लिए गहरा पानी बेहद खतरनाक हो सकता है।

स्थानीय लोगों की ओर से तालाब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठ सकती है।

तालाब के गहरे हिस्सों को चिह्नित करने, चेतावनी बोर्ड लगाने और जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग करने से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

धार्मिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल होने वाले घाटों पर सामान्य दिनों में भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि आसपास रहने वाले बच्चे अक्सर इन स्थानों तक पहुंच जाते हैं।

घटना के बाद प्रशासन के सामने यह भी सवाल है कि तालाब या घाट की नियमित निगरानी किस विभाग या स्थानीय निकाय की जिम्मेदारी में आती है।

यदि सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी सामने आती है तो संबंधित विभाग को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

बच्चे के शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना को लेकर परिवार और स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।

फिलहाल गुरुग्राम के छठ घाट पर बच्चों के साथ नहाने गए मासूम की तालाब में डूबने से मौत हो गई। साथियों के शोर मचाने पर लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद परिवार में मातम है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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