गुरुग्राम जलभराव पर उद्यमी ने उठाए सवाल, बोले- ‘डबल इंजन फेल’, बेहतर शहर की जताई उम्मीद

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Gurugram Waterlogging

गुरुग्राम में बारिश के बाद जलभराव और ट्रैफिक जाम को लेकर आम लोगों के साथ अब उद्यमियों की नाराजगी भी सामने आ रही है। शहर के एक उद्यमी ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी जाहिर करते हुए बुनियादी ढांचे और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि “दुर्भाग्य से डबल इंजन फेल हो गया”, साथ ही उम्मीद जताई कि गुरुग्राम एक दिन जरूर बेहतर शहर बनेगा।

गुरुग्राम में हाल की बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कों और इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आई। कई जगह यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से ज्यादा समय लगा।

जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से सामने आए। इनमें सड़कों पर जमा पानी और उसमें फंसे वाहन दिखाई दिए।

इसी बीच एक उद्यमी ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहर की स्थिति को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए “डबल इंजन” वाली सरकार पर टिप्पणी की।

उद्यमी की टिप्पणी को राज्य और केंद्र की सरकारों के संदर्भ में राजनीतिक आलोचना के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि यह उनका व्यक्तिगत बयान है।

उन्होंने समस्याओं को लेकर निराशा जाहिर करने के साथ गुरुग्राम के भविष्य को लेकर उम्मीद भी जताई। उनका कहना था कि गुरुग्राम एक दिन जरूर बेहतर होगा।

देश के प्रमुख कॉर्पोरेट और स्टार्टअप केंद्रों में शामिल गुरुग्राम में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के कार्यालय हैं।

ऐसे में बारिश के दौरान बार-बार जलभराव और ट्रैफिक जाम होने से केवल स्थानीय लोगों की दिनचर्या ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि कंपनियों और कर्मचारियों के कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।

कई कर्मचारी दिल्ली, फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों से रोज गुरुग्राम आते-जाते हैं। प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से यात्रा का समय काफी बढ़ सकता है।

हाल की भारी बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला था। स्कूल बसों और अन्य वाहनों के भी जाम में फंसने की खबरें सामने आई थीं।

स्थिति को देखते हुए कुछ मौकों पर कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन कक्षाओं जैसी व्यवस्थाओं की सलाह भी सामने आई।

जलभराव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। कांग्रेस के नेता सरकार और स्थानीय प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठा रहे हैं।

वहीं भाजपा से जुड़े नेताओं की ओर से शहर की पुरानी प्लानिंग, प्राकृतिक जल निकासी और पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया गया है।

केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी गुरुग्राम में जलभराव के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर चुके हैं।

उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब करने की बात कही और पानी की निकासी के स्थायी समाधान के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विकल्पों पर विचार करने का सुझाव दिया।

गुरुग्राम में जल निकासी से जुड़ी जिम्मेदारियां अलग-अलग सरकारी और स्थानीय निकाय एजेंसियों के पास हैं। इसलिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय को भी समस्या के समाधान के लिए जरूरी माना जाता है।

शहर में तेजी से हुए निर्माण और शहरीकरण के बीच ड्रेनेज नेटवर्क की क्षमता भी लगातार चर्चा का विषय रही है।

स्थायी समाधान के लिए उन स्थानों की पहचान महत्वपूर्ण है, जहां हर बार भारी बारिश के दौरान पानी जमा होता है। इसके बाद क्षेत्रवार ड्रेनेज क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा सकता है।

उद्यमी की सोशल मीडिया पोस्ट ने एक बार फिर गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चल रही बहस को आगे बढ़ाया है।

फिलहाल जलभराव को लेकर सरकार, विपक्ष, स्थानीय लोगों और अब उद्यमियों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर व्यवस्था की आलोचना करने वाले उद्यमी ने नाराजगी के बावजूद उम्मीद जताई है कि भविष्य में गुरुग्राम की स्थिति बेहतर होगी।

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