यमुनानगर में जिम के बाहर फाइनेंसर हरभजन सिंह की गोली मारकर हत्या, बाइक सवार 2 हमलावर CCTV में कैद; पुलिस तलाश में जुटी

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Yamunanagar Murder

यमुनानगर के मॉडल टाउन इलाके में गुरुवार सुबह जिम के बाहर फाइनेंस और ट्रांसपोर्ट कारोबारी हरभजन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक पर आए दो अज्ञात हमलावरों ने जिम से बाहर निकलते समय उन्हें निशाना बनाया और फायरिंग के बाद मौके से फरार हो गए। घायल हरभजन सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान प्रेम नगर निवासी हरभजन सिंह के रूप में हुई है। वह फाइनेंस के साथ ट्रांसपोर्ट के कारोबार से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। सुबह वह नियमित रूप से एक्सरसाइज करने के लिए मॉडल टाउन स्थित जिम पहुंचे थे।

सुबह करीब 7:50 बजे वह जिम से बाहर निकले। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर पहुंचे दो हमलावरों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने बेहद नजदीक से हरभजन सिंह को निशाना बनाया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके सिर को भी निशाना बनाकर गोलियां चलाई गईं।

गोलीबारी की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर बाइक से मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल हरभजन सिंह को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

वारदात की सूचना मिलते ही यमुनानगर पुलिस की कई टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। एसपी कमलदीप गोयल ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक संदिग्ध बाइक सवार हमलावर कैमरों में दिखाई दिए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनके आने-जाने के रास्ते और पहचान से जुड़े सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है।

घटनास्थल एसपी आवास से ज्यादा दूर नहीं बताया जा रहा है। पॉश इलाके में सुबह के समय हुई इस वारदात के बाद स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

हमले के पीछे की वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हरभजन सिंह की किसी से पुरानी रंजिश, कारोबारी विवाद या कोई अन्य विवाद था या नहीं। जांच पूरी होने से पहले हत्या के पीछे किसी खास वजह को निश्चित मानना उचित नहीं होगा।

फायरिंग के राउंड को लेकर शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। कुछ रिपोर्ट्स करीब आठ राउंड फायरिंग की बात कह रही हैं, जबकि अन्य विवरणों में इससे अधिक गोलियां चलने का दावा है। इसलिए 17 राउंड फायरिंग की संख्या की फोरेंसिक या पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार जरूरी है।

पुलिस के लिए CCTV फुटेज के अलावा घटनास्थल से मिले कारतूस और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। इनसे इस्तेमाल किए गए हथियार, फायरिंग की संख्या और हमलावरों की गतिविधियों के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकती है।

फिलहाल यमुनानगर पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। अलग-अलग टीमें CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही हैं। हत्या के वास्तविक कारण और इसमें शामिल लोगों की पहचान पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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