पंचकूला में फ्लैट बुक कराने के नाम पर ₹15.72 लाख लेने और बाद में वही फ्लैट किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने के आरोप में बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बावजूद उसे फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया और बिना जानकारी दिए प्रॉपर्टी किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित बिल्डरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड, फ्लैट की बुकिंग के दस्तावेज और बाद में हुई बिक्री से संबंधित कागजात की जांच करेगी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक उसने फ्लैट खरीदने के लिए बिल्डरों से संपर्क किया था। बातचीत के बाद फ्लैट बुक कराया गया और अलग-अलग समय पर कुल ₹15.72 लाख का भुगतान किया गया। आरोप है कि भुगतान लेने के बाद भी फ्लैट सौंपने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
पीड़ित का कहना है कि उसे उम्मीद थी कि तय प्रक्रिया के अनुसार फ्लैट का कब्जा मिलेगा। इसी बीच बाद में जानकारी सामने आई कि जिस फ्लैट के लिए उसने रकम जमा कराई थी, उसे कथित तौर पर किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि फ्लैट की दूसरी बिक्री के बारे में उसे पहले कोई जानकारी नहीं दी गई। इस घटनाक्रम के बाद उसने अपनी रकम और फ्लैट को लेकर बिल्डरों से संपर्क किया, लेकिन मामला नहीं सुलझने पर पुलिस के पास शिकायत पहुंची।
पुलिस के लिए जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतकर्ता और बिल्डरों के बीच क्या लिखित समझौता हुआ था। बुकिंग के समय कौन-कौन से दस्तावेज दिए गए, भुगतान किस माध्यम से किया गया और फ्लैट की बिक्री के अधिकार किसके पास थे, इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
इसके अलावा संबंधित फ्लैट को दूसरे व्यक्ति के नाम बेचने की तारीख और उससे जुड़े रजिस्ट्री या अन्य दस्तावेज भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इससे यह स्पष्ट होगा कि पहली बुकिंग के समय फ्लैट की कानूनी स्थिति क्या थी और बाद में किस आधार पर उसका लेन-देन किया गया।
₹15.72 लाख के भुगतान से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, रसीदें और अन्य दस्तावेज शिकायतकर्ता के दावे की जांच में अहम साबित हो सकते हैं। पुलिस दोनों पक्षों के बयान लेकर पूरे वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ सकती है।
फ्लैट बुकिंग और प्रॉपर्टी लेन-देन से जुड़े मामलों में केवल FIR दर्ज होना आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं माना जाता। संबंधित बिल्डरों की कानूनी जिम्मेदारी पुलिस जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।
फिलहाल पंचकूला पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में फ्लैट की बुकिंग, ₹15.72 लाख के भुगतान और कथित तौर पर उसी फ्लैट को दूसरे व्यक्ति को बेचने से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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