बाबा राजपुरी डेरे की व्यवस्था संभालने के लिए बनेगी कमेटी, आज पंचायत में हो सकता है सदस्यों का ऐलान; 130 से ज्यादा पशुओं की देखभाल कर रहे ग्रामीण

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Baba Rajpuri Dera

कैथल : गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में साधु शिवशंकर पुरी की हत्या के बाद अब डेरे की व्यवस्था को सुचारू और पारदर्शी तरीके से चलाने के लिए ग्रामीणों ने कमेटी बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार को गांव में दोबारा पंचायत होगी, जिसमें कमेटी के स्वरूप और सदस्यों के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

प्रस्तावित कमेटी भविष्य में डेरे की व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेगी। इसमें यह भी तय किया जाएगा कि डेरे में महंत की गद्दी पर किसी अन्य साधु को जिम्मेदारी दी जाए या गांव की 36 बिरादरी के लोग सामूहिक रूप से डेरे का संचालन संभालें।

शुक्रवार को भी इस संबंध में पंचायत हुई थी। इसमें गांव के कई मौजिज लोगों के नाम कमेटी के लिए प्रस्तावित किए गए, लेकिन कमेटी में कुल कितने सदस्य होंगे, इस पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई। ग्रामीणों के बीच 11, 21 या 31 सदस्यीय कमेटी बनाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

शनिवार की पंचायत में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव में मुनादी भी कराई गई है। ग्रामीण चाहते हैं कि डेरे के भविष्य से जुड़ा फैसला सामूहिक सहमति से लिया जाए और इसकी व्यवस्था में गांव के सभी वर्गों की भागीदारी रहे।

फिलहाल डेरे में मौजूद 130 से अधिक दुधारू पशुओं की देखभाल ग्रामीण पंचायती स्तर पर करवा रहे हैं। इसके लिए अस्थायी रूप से चार कर्मचारियों को लगाया गया है। पशुओं के चारे, पानी और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को ग्रामीणों की निगरानी में संचालित किया जा रहा है।

इसके अलावा डेरे में पूजा-पाठ के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए जलपान और लंगर की व्यवस्था भी गांव के लोगों द्वारा की जा रही है, ताकि मौजूदा परिस्थितियों के कारण डेरे की नियमित गतिविधियां प्रभावित न हों।

ग्रामीण कृष्ण कुमार, विनोद कुमार, सुभाष और जसविंद्र के अनुसार डेरे से जुड़ी जमीन, पशुओं और श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान की व्यवस्था पारदर्शी तरीके से चलाने के लिए कमेटी का गठन जरूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि डेरे की आय और खर्च का व्यवस्थित रिकॉर्ड भी रखा जाना चाहिए।

इसी उद्देश्य से आय-व्यय का हिसाब रखने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। ग्रामीणों का मानना है कि व्यवस्थित रिकॉर्ड होने से डेरे की आर्थिक गतिविधियों में पारदर्शिता बनी रहेगी।

साधु शिवशंकर पुरी की हत्या के मामले में पुलिस पूर्व महंत दूजपुरी सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया है। मामले में अंतिम दोष न्यायालय की प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।

गुरुवार को साधु शिवशंकर पुरी को डेरे की जमीन में सनातन रीति-रिवाज के अनुसार समाधि दी गई थी। इसके बाद से ग्रामीण सामूहिक रूप से डेरे की व्यवस्थाओं को संभाल रहे हैं।

अब शनिवार को होने वाली पंचायत पर नजर रहेगी। इसमें कमेटी के सदस्यों की संख्या और नामों की घोषणा होने के साथ डेरे के भविष्य के संचालन को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।

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