रेवाड़ी में CM सैनी के कार्यक्रम से फिर दूर रहे राव इंद्रजीत, लगातार तीसरी गैरमौजूदगी से सियासी चर्चा तेज; सवाल पर आगे बढ़े मुख्यमंत्री

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Rao Inderjit Singh

रेवाड़ी : हरियाणा की भाजपा राजनीति में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और प्रदेश नेतृत्व के बीच कथित दूरी को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। रेवाड़ी में आयोजित हाफ मैराथन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहुंचे, लेकिन राव इंद्रजीत सिंह इसमें नजर नहीं आए। पिछले कुछ समय में रेवाड़ी क्षेत्र में मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों से उनकी यह लगातार तीसरी गैरमौजूदगी बताई जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से राव इंद्रजीत की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल किया। उनसे पूछा गया कि जब वह रेवाड़ी आते हैं तो राव साहब कार्यक्रमों से दूर क्यों रहते हैं। मुख्यमंत्री इस सवाल का जवाब दिए बिना आगे बढ़ गए।

खास बात यह रही कि मैराथन से जुड़े कई पोस्टर और बैनरों पर राव इंद्रजीत सिंह का नाम मौजूद था। जिला प्रशासन की ओर से जारी पोस्टर में भी उनका नाम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ठीक नीचे दिया गया था। इसके बावजूद वह कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।

मैराथन कार्यक्रम में भाजपा के क्षेत्र के तीनों विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, कृष्ण कुमार और अनिल यादव मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में स्वयं भी दौड़ लगाई। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम का उल्लेख किया।

इससे पहले 23 अगस्त और 30 जून को बावल में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में भी राव इंद्रजीत सिंह की गैरमौजूदगी को लेकर चर्चा हुई थी। हालांकि इन कार्यक्रमों में उनकी अनुपस्थिति के कारणों को लेकर कोई ऐसा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया, जिससे इसे सीधे तौर पर राजनीतिक नाराजगी से जोड़ा जा सके।

इस घटनाक्रम से कुछ दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के नारनौल में दिए गए बयान ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी थी। 3 सितंबर को यादव महासभा से जुड़े एक कार्यक्रम में आरती राव ने दक्षिण हरियाणा और क्षेत्र के सम्मान का मुद्दा उठाया था।

उन्होंने कहा था कि उनका परिवार हमेशा इस क्षेत्र की आवाज उठाता रहा है और अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता किए बिना क्षेत्र के मुद्दों को सामने रखता रहा है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और गीता का उल्लेख करते हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही थी।

आरती राव ने यह भी कहा था कि दक्षिण हरियाणा वीरों का क्षेत्र है और देश के लिए बलिदान देने में यहां के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने राव तुलाराम का नाम लेते हुए कहा था कि क्षेत्र को अपने महापुरुषों और सम्मान के लिए आवाज उठानी चाहिए।

हालांकि आरती राव ने अपने बयान में किसी भाजपा नेता का सीधे नाम नहीं लिया था। ऐसे में उनके बयान को किसी खास नेता या प्रदेश सरकार के खिलाफ टिप्पणी के रूप में प्रस्तुत करना राजनीतिक व्याख्या होगी।

इससे पहले 14 अगस्त को गुरुग्राम में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में भी राव इंद्रजीत सिंह के एक बयान ने राजनीतिक चर्चा पैदा की थी। कार्यक्रम के मंच से उन्होंने जातीय पहचान के आधार पर चुनावी राजनीति को लेकर तीखी टिप्पणी की थी।

राव इंद्रजीत सिंह दक्षिण हरियाणा और अहीरवाल की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली नेता रहे हैं। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। उस समय उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर दक्षिण हरियाणा की अनदेखी के आरोप लगाए थे।

अब मुख्यमंत्री के रेवाड़ी क्षेत्र के लगातार तीन कार्यक्रमों में राव इंद्रजीत की गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि राव इंद्रजीत सिंह या भाजपा नेतृत्व की ओर से इन गैरमौजूदगियों को आपसी राजनीतिक मतभेद का नतीजा बताने वाला कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

ऐसे में फिलहाल इसे भाजपा के भीतर खुले टकराव के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। आने वाले कार्यक्रमों और दोनों पक्षों के सार्वजनिक बयानों से ही यह स्पष्ट होगा कि यह केवल कार्यक्रमों से अनुपस्थिति है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश भी है।

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