कैथल में हड़ताल के बीच नगर परिषद का बड़ा एक्शन, 6 पे-रोल कर्मचारी टर्मिनेट और दरोगा सस्पेंड; 9 सितंबर तक सफाई कर्मियों की हड़ताल

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Kaithal Sanitation Strike

कैथल : शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच नगर परिषद प्रशासन ने विभागीय कार्रवाई करते हुए छह पे-रोल कर्मचारियों को टर्मिनेट करने और एक नियमित कर्मचारी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की ओर से जारी आदेशों में कर्मचारियों पर बिना सूचना ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और सफाई कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।

नगर परिषद प्रशासन के मुताबिक संबंधित कर्मचारी बिना कारण बताए हड़ताल में शामिल हुए और ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की ओर से नोटिस का जवाब नहीं दिया गया।

आरोप है कि हड़ताल के दौरान जब नगर परिषद प्रशासन अपने स्तर पर शहर में सफाई करवाने का प्रयास कर रहा था तो कुछ कर्मचारियों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हालांकि ये आरोप प्रशासन की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित कर्मचारियों का व्यक्तिगत पक्ष सामने नहीं आया है।

नगर परिषद के ईओ संदीप सोलंकी ने बताया कि इस मामले में 2 सितंबर को कर्मचारियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में केस भी दर्ज कराया गया था। इसके बाद अब विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए छह पे-रोल कर्मचारियों को टर्मिनेट और एक दरोगा को सस्पेंड करने के आदेश दिए गए हैं।

दूसरी ओर नगर पालिका कर्मचारी संघ से जुड़े सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल तीन दिन और बढ़ा दी है। कर्मचारियों ने 9 सितंबर तक हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है। नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों का प्रदर्शन भी जारी है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि मांगों पर कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। रेलवे गेट, डोगरा गेट, माता गेट, कमेटी चौक, पुराना बस स्टैंड, ढांड रोड, अंबाला रोड और छात्रावास रोड सहित विभिन्न स्थानों पर कचरे के ढेर जमा होने की स्थिति सामने आई है।

शुरुआती दिनों में प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए शहर से कचरा उठाने और सफाई करवाने का प्रयास किया था। कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिंचने के साथ अब कई इलाकों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें बढ़ रही हैं।

नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि नगर पालिका और फायर कर्मचारियों की मांगों को लेकर पहले भी लंबा आंदोलन किया गया था। कर्मचारी नेताओं के अनुसार 13 मई को हरियाणा भवन चंडीगढ़ में विभागीय मंत्री विपुल गोयल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर और अन्य अधिकारियों के साथ संघ की राज्य कमेटी की करीब छह घंटे बैठक हुई थी।

संघ का दावा है कि बैठक में उनकी विभिन्न मांगों पर सहमति बनी थी और 20 जून तक संबंधित परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि प्रमुख मांगों को लेकर अब तक परिपत्र जारी नहीं किए गए, जिसके कारण उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया है। उन्होंने सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों को नियमित करने सहित विभिन्न मांगें उठाई हैं। सरकार को लेकर कर्मचारी नेताओं की ओर से की गई राजनीतिक टिप्पणियां और आरोप संघ का पक्ष हैं।

फिलहाल एक तरफ नगर परिषद ने हड़ताल और कथित तौर पर सरकारी कार्य में बाधा डालने को लेकर कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की है, वहीं दूसरी तरफ कर्मचारी संघ ने हड़ताल को 9 सितंबर तक बढ़ा दिया है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था को सामान्य करना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।

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