रेवाड़ी बार एसोसिएशन चुनाव में 6 पदों के लिए 15 उम्मीदवार मैदान में, 2183 वकील करेंगे मतदान; पहली बार चुने जाएंगे 2 उपप्रधान

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Rewari Bar Association Election

रेवाड़ी : बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बार छह पदों के लिए कुल 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि 2,183 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर नई कार्यकारिणी का चुनाव करेंगे। चुनाव की खास बात यह है कि रेवाड़ी बार एसोसिएशन के इतिहास में पहली बार दो उपप्रधान पदों के लिए मतदान होने जा रहा है।

चुनाव को लेकर उम्मीदवारों ने अपने स्तर पर अधिवक्ताओं से संपर्क कर समर्थन जुटाने की कोशिश तेज कर दी है। अलग-अलग पदों पर कई प्रत्याशियों के बीच नजदीकी मुकाबला माना जा रहा है। हालांकि मतदान से पहले किसी एक उम्मीदवार या पैनल के पक्ष में स्पष्ट रुझान सामने नहीं आया है।

बार एसोसिएशन के जानकारों के मुताबिक इस बार दो उपप्रधान पदों का चुनाव विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। पहली बार इन दोनों पदों के लिए मतदान होने के कारण उम्मीदवारों के साथ मतदाताओं में भी इसे लेकर उत्सुकता है।

इस चुनाव में कई प्रमुख चेहरे भी मतदाता के रूप में हिस्सा लेंगे। पूर्व मंत्री जसवंत सिंह बावल, पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव और इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता रजवंत डहीनवाल लंबे समय से बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। वे भी इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

पूर्व मंत्री जसवंत सिंह बावल और पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव का बार एसोसिएशन से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। हालांकि प्रमुख सदस्यों के मतदान को लेकर चर्चा के बीच यह स्पष्ट नहीं है कि उनका समर्थन किस उम्मीदवार के पक्ष में रहेगा।

चुनाव से पहले अलग-अलग प्रत्याशियों की ओर से अपने पक्ष में समर्थन होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविक तस्वीर मतदान के बाद ही सामने आएगी। कई पदों पर मुकाबला करीबी होने की संभावना के कारण अंतिम समय में मतदाताओं का रुझान चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

इस बार मतदाता संख्या में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025 में रेवाड़ी बार एसोसिएशन में कुल 1,876 मतदाता थे, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर 2,183 हो गई है। इस तरह एक वर्ष के दौरान 307 नए मतदाता जुड़े हैं।

आंकड़ों के मुताबिक मतदाताओं की संख्या में करीब 16.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बढ़ी हुई मतदाता संख्या के कारण इस बार चुनावी समीकरण भी पिछले चुनाव की तुलना में अलग हो सकते हैं।

पिछले चुनाव में करीब 87.8 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। यदि इस बार भी मतदान प्रतिशत इसी स्तर के आसपास रहता है तो बड़ी संख्या में अधिवक्ता नई कार्यकारिणी के चयन में अपनी भूमिका निभाएंगे।

उम्मीदवारों की नजर विशेष रूप से नए जुड़े मतदाताओं और अंतिम समय तक निर्णय नहीं लेने वाले सदस्यों पर है। करीबी मुकाबले की स्थिति में कुछ मतों का अंतर भी किसी पद का चुनाव परिणाम तय कर सकता है।

अब 2,183 मतदाताओं के फैसले के बाद ही साफ होगा कि रेवाड़ी बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी में किन उम्मीदवारों को जिम्मेदारी मिलेगी। पहली बार दो उपप्रधान चुने जाने और मतदाता संख्या बढ़ने के कारण इस बार का चुनाव पिछले वर्षों की तुलना में खास माना जा रहा है।

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