करनाल : घरौंडा स्थित महर्षि इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (MIPS) की एक पूर्व अंग्रेजी शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन के बीच वेतन व नौकरी छोड़ने को लेकर विवाद सामने आया है। शिक्षिका सोनिया ने स्कूल प्रबंधन पर मानसिक प्रताड़ना, करीब ढाई महीने का वेतन रोकने और सिक्योरिटी राशि नहीं लौटाने समेत कई आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन ने सभी आरोपों को झूठा, निराधार और मनगढ़ंत बताते हुए शिक्षिका के व्यवहार को लेकर पुलिस में शिकायत दी है। अब BEO कार्यालय और पुलिस अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं।
करनाल निवासी TGT शिक्षिका सोनिया ने घरौंडा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दी शिकायत में बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल से 5 अगस्त 2026 तक स्कूल में काम किया। उनका दावा है कि उनकी करीब ढाई महीने की सैलरी, लगभग 30 हजार रुपए, अभी बकाया है।
सोनिया का आरोप है कि जून में उन्हें बताया गया कि उस महीने शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जाता। इसी दौरान उनसे अतिरिक्त काम करने के लिए कहा गया। उन्होंने कुछ काम पूरा किया और स्वास्थ्य व पारिवारिक कारणों का हवाला देकर काम कम करने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया।
शिक्षिका ने दावा किया कि उन्होंने कई बार त्यागपत्र देने की कोशिश की, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने वेतन के लिए खुलवाए गए बैंक खाते और खाली चेक पर हस्ताक्षर कराने को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सोनिया के मुताबिक 5 अगस्त को उन्होंने अंतिम बार त्यागपत्र दिया। इसके बाद 21 अगस्त को वेतन के संबंध में स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया और चेयरमैन को ईमेल भी भेजा। उनका कहना है कि समाधान नहीं मिलने पर वह 10 सितंबर को अपनी मां के साथ स्कूल पहुंचीं। वहां विवाद की स्थिति बनने के बाद पुलिस को बुलाया गया।
शिक्षिका ने आरोप लगाया कि स्कूल में उनके और उनकी मां के साथ गलत व्यवहार किया गया। उन्होंने BEO कार्यालय से बकाया वेतन और सिक्योरिटी राशि दिलाने के साथ शिकायत पर कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधन ने सोनिया के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रबंधन के लिखित बयान के मुताबिक 6 अगस्त को लगातार अनुपस्थित रहने और आधिकारिक वॉट्सएप ग्रुप छोड़ने के संबंध में सोनिया से संपर्क किया गया था।
स्कूल का दावा है कि 25 अगस्त को विवाद को आपसी बातचीत से सुलझाने के लिए उन्हें बुलाया गया, लेकिन वह नहीं पहुंचीं। इसके बाद 2 सितंबर को ईमेल भेजकर 3 सितंबर को वेतन संबंधी मामले पर चर्चा के लिए स्कूल आने को कहा गया था। प्रबंधन के अनुसार वह उस दिन भी नहीं आईं।
स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि 10 सितंबर को सोनिया बिना पूर्व सूचना के स्कूल पहुंचीं और परिसर में वीडियो बनाने लगीं, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ। प्रबंधन का कहना है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने पर अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए डायल-112 से पुलिस सहायता मांगी गई। स्कूल ने भी मामले को लेकर पुलिस को शिकायत दी है।
घरौंडा BEO कार्यालय में शिक्षिका की शिकायत कार्यालय इंचार्ज एवं सहायक जितेंद्र सिंह ने प्राप्त की। उन्होंने बताया कि शिकायत में मानसिक प्रताड़ना, वेतन और सिक्योरिटी राशि से संबंधित आरोप लगाए गए हैं। उनके मुताबिक दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी जाएगी और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, SHO दीपक कुमार के मुताबिक स्कूल प्रबंधन की ओर से मिली शिकायत की भी जांच की जाएगी। फिलहाल शिक्षिका और स्कूल प्रबंधन ने एक-दूसरे पर अलग-अलग आरोप लगाए हैं। किसी भी पक्ष के दावों को अंतिम रूप से सही नहीं माना गया है। BEO कार्यालय और पुलिस की जांच के बाद ही विवाद से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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