हरभजन सिंह हत्याकांड में बड़ा खुलासा, कार में GPS लगाकर ट्रैक की गई लोकेशन; पुलिस मुठभेड़ के बाद 2 आरोपी गिरफ्तार

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Harbhajan Singh Murder Case

यमुनानगर : मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर 65 वर्षीय ट्रांसपोर्टर एवं फाइनेंसर हरभजन सिंह की हत्या की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के मुताबिक वारदात से पहले हरभजन सिंह की कार में GPS डिवाइस लगाकर उनकी गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखी गई थी। इसी जानकारी के आधार पर शूटरों तक उनकी लोकेशन पहुंचाए जाने की आशंका है।

मामले में पुलिस ने कुरुक्षेत्र निवासी राकेश कुमार और आर्यन को पाबनी रोड पर गांव महलावाली के पास हुई कथित मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक CIA की टीमों को सूचना मिली थी कि हत्याकांड में संदिग्ध भूमिका वाले दोनों युवक बाइक से पाबनी रोड की ओर आने वाले हैं। इसके बाद महलावाली के पास घेराबंदी की गई।

पुलिस का दावा है कि बाइक पर पहुंचे युवकों को रुकने का इशारा किया गया तो उन्होंने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से करीब 20 राउंड फायरिंग होने की बात कही गई है। इस घटनाक्रम में राकेश और आर्यन घायल हो गए और उन्हें मौके पर काबू कर लिया गया। मुठभेड़ से जुड़ा घटनाक्रम फिलहाल पुलिस का आधिकारिक दावा है।

प्रारंभिक जांच में पुलिस राकेश और आर्यन की भूमिका हत्या की साजिश में सहयोग करने वाले आरोपियों के रूप में देख रही है। पुलिस का आरोप है कि दोनों ने वारदात में शामिल शूटरों को कुरुक्षेत्र के एक होटल में ठहराने के लिए कमरा दिलाने में मदद की थी।

इसके अलावा शूटरों तक हथियार और अन्य जरूरी सहायता पहुंचाने में भी उनकी भूमिका होने की जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि दोनों वारदात से पहले और बाद में साजिश से जुड़े कुछ लोगों के संपर्क में थे।

जांच की एक महत्वपूर्ण कड़ी हरभजन सिंह की कार में कथित तौर पर लगाया गया GPS डिवाइस है। पुलिस के मुताबिक इस डिवाइस की मदद से उनकी कार की लोकेशन ट्रैक की जा रही थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि GPS कब और कहां लगाया गया, इसे किसने उपलब्ध कराया और इससे मिलने वाली लोकेशन की जानकारी किस व्यक्ति तक पहुंच रही थी।

इस मामले में पुलिस ने कुरुक्षेत्र के डेरा अमीन निवासी विशाल और एक अन्य युवक को भी हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार कार में GPS लगाने के मामले में उनकी संभावित भूमिका की जांच की जा रही है। हिरासत में लिया जाना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता और उनकी भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

हरभजन सिंह की 3 सितंबर को मॉडल टाउन स्थित जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब पुलिस इस एंगल पर जांच आगे बढ़ा रही है कि वारदात से पहले उनकी दिनचर्या और आने-जाने के रास्तों की रेकी की गई थी या नहीं। GPS से मिली कथित लोकेशन और शूटरों की गतिविधियों के बीच संबंध भी खंगाला जा रहा है।

फिलहाल हत्या को अंजाम देने वाले बताए जा रहे मुख्य शूटर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस होटल के रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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