गुरुग्राम : बसई इलाके में 45 वर्षीय महेंद्र की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस जांच पुरानी गुटीय रंजिश की तरफ बढ़ रही है। जांच में सामने आया है कि महेंद्र के बड़े बेटे प्रियांशु और सन्नी मंडल ग्रुप के सदस्यों पर जनवरी 2025 में 18 वर्षीय पर्व उर्फ बड़ी की हत्या का आरोप लगा था। पुलिस अब दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है।
पुलिस जांच के मुताबिक पर्व की हत्या के बाद दोनों गुटों के बीच कई बार विवाद और हमले हुए थे। महेंद्र के परिवार को भी खतरे की आशंका थी। परिवार के सदस्यों के मुताबिक इसी कारण महेंद्र और उसके बेटे घर से निकलते समय चेहरा ढककर रखते थे। सबसे छोटे बेटे दीपांशु को भी सुरक्षा के लिहाज से रिश्तेदार के घर दूसरे राज्य भेज दिया गया था।
पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि महेंद्र और उसके बेटे साहिल की वारदात से करीब पांच-छह दिन पहले से रेकी किए जाने की आशंका है। परिवार के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले साहिल की विरोधी पक्ष से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों से मुलाकात भी हुई थी। हालांकि उस समय उसे किसी हमले की योजना का अंदेशा नहीं हुआ।
पुरानी रंजिश की शुरुआत जनवरी 2025 में पर्व की हत्या से जोड़कर देखी जा रही है। उस मामले में आरोप था कि पर्व को पार्टी के बहाने बुलाने के बाद एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसकी हत्या की गई थी। पुलिस ने मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया था और महेंद्र का बड़ा बेटा प्रियांशु भी इसी केस में जेल में बंद है।
पुलिस जांच के अनुसार पर्व की मौत के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। पर्व के साथियों की ओर से बदला लेने की बात कहे जाने का दावा भी सामने आया था। इसके बाद दोनों पक्षों से जुड़े लोगों पर अलग-अलग समय में हमले होने की जानकारी पुलिस को मिली।
अप्रैल 2025 में दोनों गुटों के बीच समझौते की बात भी सामने आई थी, लेकिन पुलिस को आशंका है कि पुरानी रंजिश पूरी तरह समाप्त नहीं हुई। अब महेंद्र की हत्या के पीछे इसी दुश्मनी की भूमिका की जांच की जा रही है।
महेंद्र और उसका बेटा प्रियांशु गुरुग्राम के सदर बाजार में अलग-अलग कपड़ों की दुकानों पर काम करते थे। जांच में महेंद्र की सोशल मीडिया गतिविधियों को भी देखा जा रहा है। बताया गया है कि वह जेल में बंद बेटे प्रियांशु से संबंधित फोटो और वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर करता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि सोशल मीडिया पोस्ट से दोनों गुटों के बीच तनाव और बढ़ा था या नहीं।
गुरुवार को महेंद्र अपने बेटे साहिल के साथ बाइक पर जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और फायरिंग कर दी। साहिल ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया था कि हमलावर वास्तव में उसे निशाना बनाने आए थे, लेकिन गोली उसके पिता महेंद्र को लग गई। यह दावा भी पुलिस जांच का हिस्सा है।
डॉक्टरों के बोर्ड ने महेंद्र के शव का पोस्टमॉर्टम किया है। इस दौरान उसके शरीर से एक गोली बरामद हुई है, जिसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। बैलिस्टिक और फोरेंसिक जांच से वारदात में इस्तेमाल हथियार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
उधर, जेल में बंद प्रियांशु ने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कोर्ट से सीमित अवधि की अंतरिम राहत मांगी है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था प्रभावित होने और दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताते हुए इसका विरोध किया है। इस पर अंतिम निर्णय अदालत को करना है।
गुरुग्राम वेस्ट के DCP वाईवीआर चंद्रशेखर के मुताबिक क्राइम ब्रांच की टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हैं। पुलिस का दावा है कि CCTV फुटेज और अन्य इनपुट के आधार पर फायरिंग करने वाले संदिग्ध शूटरों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
फिलहाल महेंद्र की हत्या को पर्व हत्याकांड का बदला मानना अंतिम रूप से स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस पुरानी रंजिश, कथित रेकी, CCTV फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर हत्या की वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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