यमुनानगर : सढौरा क्षेत्र के टोडरपुर गांव के खेतों में करीब 12 फीट लंबा अजगर दिखाई देने से ग्रामीणों में हलचल मच गई। अजगर ने एक बंदर को अपनी कुंडली में जकड़ रखा था और कुछ देर बाद उसे निगल लिया। विशाल अजगर की मौजूदगी की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने वाइल्ड लाइफ विभाग को जानकारी दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया।
ग्रामीण संजीव के मुताबिक गांव का एक व्यक्ति खेत में काम करने के लिए गया था। इसी दौरान उसे खेत के बीच हलचल दिखाई दी। पास जाकर देखने पर एक बड़ा अजगर नजर आया, जिसने बंदर को अपनी कुंडली में जकड़ा हुआ था।
अजगर को देखकर उसने तुरंत गांव के अन्य लोगों को इसकी सूचना दी। कुछ ही देर में आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान अजगर ने बंदर को निगल लिया। ग्रामीणों ने वन्यजीव को खुद पकड़ने या उसके पास जाने के बजाय वाइल्ड लाइफ विभाग को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद वाइल्ड लाइफ विभाग की टीम टोडरपुर गांव पहुंची। टीम ने खेत में मौजूद अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। अजगर के बड़े आकार के कारण उसे काबू करने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
रेस्क्यू के दौरान अजगर ने निगले हुए बंदर को बाहर निकाल दिया। इसके बाद टीम ने सावधानीपूर्वक अजगर को नियंत्रित किया और सुरक्षित तरीके से बैग में रखा। उसे खेत से निकालकर वन क्षेत्र में ले जाया गया, जहां सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।
वाइल्ड लाइफ टीम के अनुसार अजगर की लंबाई करीब 12 फीट और वजन लगभग 45 किलोग्राम था। बड़े आकार के अजगर को सुरक्षित पकड़ने के दौरान टीम ने इस बात का भी ध्यान रखा कि वन्यजीव को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
खेतों के बीच इतने बड़े अजगर के मिलने के बाद स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में चिंता भी देखने को मिली। खेतों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग कृषि कार्य के लिए आते-जाते हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने वन्यजीव दिखाई देने पर विभाग की टीम को जल्द सूचना देने की बात कही है।
अजगर जैसे वन्यजीव आमतौर पर भोजन की तलाश में अपने प्राकृतिक क्षेत्र से निकलकर खेतों और आबादी के आसपास पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को उनसे दूरी बनाए रखना चाहिए और उन्हें पकड़ने, छेड़ने या घेरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
टोडरपुर में भी ग्रामीणों की सूचना पर वाइल्ड लाइफ टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। रेस्क्यू पूरा होने और अजगर को वन क्षेत्र में छोड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में भी क्षेत्र में कोई बड़ा वन्यजीव दिखाई देता है तो वन विभाग को तुरंत सूचना दी जानी चाहिए, ताकि प्रशिक्षित टीम उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सके। इससे लोगों की सुरक्षा के साथ वन्यजीव को भी नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता है।
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