पंचकूला : पिंजौर क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध खैर की लकड़ी ले जा रही पिकअप को रोकने पहुंचे वन दरोगा के साथ हाथापाई और धमकी देने का मामला सामने आया है। वन अधिकारी का आरोप है कि दो लोगों ने ड्यूटी के दौरान उनसे धक्का-मुक्की की, मोबाइल फोन छीन लिया और पिस्टल से गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद एक आरोपी खैर की लकड़ी से भरी पिकअप लेकर फरार हो गया।
पिंजौर थाना पुलिस ने कालका रेंज के वन दरोगा सचिन की शिकायत पर दो लोगों को नामजद करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
वन दरोगा सचिन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 10 सितंबर को उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों से सूचना मिली थी कि एक महिंद्रा पिकअप में कथित तौर पर अवैध खैर की लकड़ी भरकर सूरजपुर-सुखोमाजरी बाईपास की तरफ ले जाई जा रही है।
सूचना मिलने के बाद वह मौके की ओर रवाना हुए। बाईपास क्षेत्र में एक ढाबे के पास उन्हें संबंधित पिकअप खड़ी दिखाई दी। शिकायत के मुताबिक उन्होंने चालक को रोककर गाड़ी और उसमें मौजूद लकड़ी के संबंध में पूछताछ करने की कोशिश की।
आरोप है कि चालक ने ढाबे पर मौजूद अपने एक अन्य साथी को बुला लिया। इसके बाद दोनों ने वन दरोगा के साथ बहस और हाथापाई शुरू कर दी। सचिन का आरोप है कि इस दौरान उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
वन दरोगा ने अपनी शिकायत में गंभीर धमकी देने का आरोप भी लगाया है। उनके मुताबिक हाथापाई के दौरान एक व्यक्ति ने चालक से गाड़ी लेकर वहां से निकलने और गाड़ी में रखी पिस्टल लाने की बात कही। आरोप है कि वन अधिकारी को गोली मारने की धमकी भी दी गई।
इसके बाद पिकअप चालक कथित तौर पर गाड़ी लेकर सुखोमाजरी की तरफ निकल गया। वन दरोगा का कहना है कि उन्होंने दूसरे व्यक्ति से अपना मोबाइल वापस ले लिया और आरोपियों की तस्वीरें भी खींचीं। इसके बाद दूसरा व्यक्ति भी नदी पार कर सूरजपुर की ओर पैदल भाग गया।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। अमरावती पुलिस चौकी के ASI चिरंजी लाल के अनुसार शिकायत के आधार पर मुकदमा नंबर 283 दर्ज किया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 221, 132, 351, 3(5), 303 तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 32 और 33 के तहत कार्रवाई शुरू की है।
मामले में खड़कुआ निवासी बंटी और हरिपुर गांव निवासी रवि को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों की तलाश की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का यह भी कहना है कि नामजद आरोपियों में शामिल रवि पहले भी खैर की लकड़ी की तस्करी से जुड़े एक मामले में पकड़ा जा चुका है। हालांकि मौजूदा मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और आरोप सिद्ध होना बाकी है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिकअप में मिली बताई जा रही खैर की लकड़ी कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही कथित पिस्टल और धमकी से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाएगी।
वन दरोगा द्वारा खींची गई बताई जा रही तस्वीरों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है। पिकअप वाहन की पहचान और उसके स्वामित्व से संबंधित जानकारी की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल दोनों नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी तलाश जारी है। गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही खैर की लकड़ी के स्रोत, संभावित नेटवर्क और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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