गुरुग्राम : कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में शामिल रहे रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता ने गुरुग्राम में एक पार्किंग अटेंडेंट पर लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप लगाया है। घटना मैग्नम ग्लोबल पार्क की पार्किंग से जुड़ी बताई गई है। गुप्ता का कहना है कि हमले में उनके सिर और कोहनी में गंभीर चोट आई और बाद में कोहनी के फ्रैक्चर की सर्जरी करनी पड़ी।
अमित कुमार गुप्ता ने मामले को लेकर सेक्टर-65 थाने में शिकायत दी है। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पुलिस के घटनास्थल पर समय से नहीं पहुंचने और अस्पताल की MLC में चोटों का पूरा विवरण दर्ज नहीं होने के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है।
गुप्ता के अनुसार वह 10 सितंबर की रात परिवार के साथ मैग्नम ग्लोबल पार्क स्थित गोंजो रेस्टोरेंट में डिनर के लिए पहुंचे थे। रात करीब 8 बजे परिवार को रेस्टोरेंट में छोड़ने के बाद वह अपनी कार पार्क करने चले गए।
उनका आरोप है कि पार्किंग स्टाफ ने उन्हें पहले वैलेट, फिर बेसमेंट और इसके बाद मल्टी-लेवल पार्किंग की तरफ भेजा। काफी देर तक अलग-अलग स्थानों पर भेजे जाने के बाद भी उनकी कार पार्क नहीं कराई गई।
शिकायत के मुताबिक गुप्ता जब अपनी कार रिवर्स कर रहे थे, तभी एक पार्किंग अटेंडेंट के साथ विवाद हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अटेंडेंट ने उनकी कार के सामने वाले शीशे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसका विरोध करने के लिए वह कार से बाहर निकले।
गुप्ता का आरोप है कि इसी दौरान पार्किंग अटेंडेंट लोहे की रॉड लेकर आया और उन पर हमला कर दिया। उन्होंने दावा किया कि रॉड से उनके हाथ और सिर पर वार किया गया। साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
घटना के दौरान वहां सुरक्षा गार्ड और पार्किंग से जुड़े अन्य कर्मचारी मौजूद होने की बात कही गई है। गुप्ता का आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें तत्काल मदद नहीं मिली। उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन पर भी सूचना देने का दावा किया है।
रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन के मुताबिक सूचना देने के बावजूद करीब आधे घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान रेस्टोरेंट से जुड़े एक शेफ ने बीच-बचाव किया और स्थिति को संभालने में मदद की।
घटना के बाद घायल गुप्ता को एंबुलेंस के जरिए मेदांता अस्पताल ले जाया गया। उनका कहना है कि कोहनी में फ्रैक्चर होने के कारण सर्जरी करनी पड़ी और प्लेट लगाई गई। सिर पर लगी चोट का भी इलाज किया गया।
गुप्ता ने अस्पताल में तैयार की गई MLC को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रिपोर्ट में सिर और कोहनी की चोट का पूरा विवरण दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने के साथ मेडिकल रिकॉर्ड की भी जांच कराने की मांग की है।
अमित कुमार गुप्ता ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज करने की मांग की है। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों पर कौन सी धाराएं लागू होंगी, यह उपलब्ध साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर तय होगा।
अमित कुमार गुप्ता भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन रह चुके हैं। उन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में हिस्सा लिया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायुसेना ने कारगिल क्षेत्र में सैन्य अभियान के दौरान हवाई कार्रवाई की थी।
फिलहाल घटना को लेकर सामने आई जानकारी मुख्य रूप से अमित कुमार गुप्ता की शिकायत और उनके आरोपों पर आधारित है। पार्किंग अटेंडेंट, पार्किंग प्रबंधन, अस्पताल और पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट होगी।
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