फरीदाबाद : एनआईटी से कांग्रेस के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने नगर निगम के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (SE) ओमवीर सिंह की फरीदाबाद में दोबारा तैनाती को लेकर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन से सवाल किए हैं। उन्होंने कथित विवादित ऑडियो प्रकरण के बाद अधिकारी की कम समय में वापसी का आधार सार्वजनिक करने की मांग की है।
ओमवीर सिंह का नाम 30 अगस्त को सोशल मीडिया पर सामने आए एक कथित ऑडियो को लेकर चर्चा में आया था। इस ऑडियो में एक पार्षद और प्रवासी समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के आरोप लगे थे। विवाद के बाद ओमवीर सिंह का फरीदाबाद से यमुनानगर तबादला कर दिया गया था। अब करीब 18 दिन बाद उनकी दोबारा फरीदाबाद नगर निगम में तैनाती हुई है।
नीरज शर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अधिकारी निर्दोष थे तो उनका तबादला क्यों किया गया और यदि आरोपों में सच्चाई थी तो इतनी जल्दी उन्हें वापस फरीदाबाद लाने का आधार क्या रहा। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
पूर्व विधायक ने भाजपा पार्षदों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि विवाद के दौरान कुछ पार्षदों ने संबंधित ऑडियो को एआई से तैयार या फर्जी होने की आशंका जताई थी। ऐसे में अब ऑडियो की वास्तविकता सामने लाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जानी चाहिए।
नीरज शर्मा ने मांग की कि नगर निगम सदन में प्रवासी समाज के सम्मान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने सवाल किया कि क्या संबंधित जनप्रतिनिधि ऑडियो की निष्पक्ष जांच और वॉइस सैंपल की फॉरेंसिक जांच की मांग करेंगे।
शर्मा ने दावा किया कि पुलिस जांच के दौरान उन्होंने शपथ पत्र देकर अपने पास उपलब्ध ऑडियो को सत्य एवं प्रामाणिक बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि जांच में ऑडियो के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ साबित होती है तो वह कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं।
पूर्व विधायक ने SE ओमवीर सिंह और पूर्व पार्षद पति रविकांत भड़ाना से वॉइस सैंपल देने की मांग की है। उनका कहना है कि वॉइस सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में भेजकर जांच कराने से यह स्पष्ट किया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर सामने आया ऑडियो वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है।
उन्होंने कहा कि मामले में आरोप-प्रत्यारोप के बजाय निष्पक्ष फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए, ताकि ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।
ओमवीर सिंह की फरीदाबाद नगर निगम में दोबारा तैनाती के आदेश के बाद यह मामला फिर चर्चा में आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्हें यमुनानगर स्थानांतरित किए जाने के करीब 17 से 18 दिन बाद फरीदाबाद में रिक्त पद पर दोबारा तैनाती दी गई है।
फिलहाल कथित ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर अंतिम फॉरेंसिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। नीरज शर्मा की ओर से लगाए गए आरोप और उठाए गए सवाल उनके राजनीतिक बयान हैं। मामले में संबंधित अधिकारी, सरकार अथवा प्रशासन की ओर से विस्तृत जवाब सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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