नारनौल : गवर्नमेंट आईटीआई में ड्राफ्ट्समैन मैकेनिकल (DMC) ट्रेड के सेकेंड ईयर के छात्र ने महिला इंस्ट्रक्टर और एक अन्य शिक्षक पर उसके साथ कथित तौर पर मारपीट एवं दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए हैं। छात्र का दावा है कि क्लास में पढ़ाए जा रहे एक चैप्टर को लेकर अपनी बात रखने के बाद विवाद शुरू हुआ। हालांकि आईटीआई प्रबंधन का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
छात्र अरुण के अनुसार घटना 14 सितंबर की है। महिला इंस्ट्रक्टर क्लास में पढ़ाने आई थीं। पढ़ाई के दौरान एक चैप्टर को लेकर बातचीत हुई तो उसने हाथ उठाकर बताया कि संबंधित विषय पहले भी पढ़ाया जा चुका है।
अरुण का आरोप है कि उसकी बात सुनकर महिला इंस्ट्रक्टर नाराज हो गईं और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। छात्र ने दावा किया कि उसे क्लास में टिफिन और जूती से भी मारा गया। इसके बाद उसने पढ़ाई प्रभावित होने के डर से इंस्ट्रक्टर से माफी भी मांगी।
छात्र का आरोप है कि इस दौरान उसे आईटीआई से नाम कटवाने और डिप्लोमा पूरा नहीं करने देने जैसी बातें भी कही गईं। इसके बाद महिला इंस्ट्रक्टर उसे एक पुरुष शिक्षक के पास लेकर गईं।
अरुण का दावा है कि वहां उस पर क्लास की रिकॉर्डिंग करने का आरोप लगाया गया, जिसे वह गलत बता रहा है। आरोप है कि महिला इंस्ट्रक्टर के वहां से चले जाने के बाद पुरुष शिक्षक ने भी उसके साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज की। छात्र का कहना है कि शिक्षक ने उसका गिरेबान पकड़ा, थप्पड़ मारे और इस दौरान उसकी शर्ट भी फट गई।
छात्र ने दावा किया कि घटना के समय ट्रेड के फर्स्ट और सेकेंड ईयर के कई विद्यार्थी मौजूद थे। उसके मुताबिक ये विद्यार्थी घटनाक्रम के बारे में जानकारी रखते हैं। उसने अपने साथ हुई कथित घटनाओं का विवरण एक कॉपी में भी लिखकर रखा है।
अरुण का कहना है कि महिला इंस्ट्रक्टर के खिलाफ की गई एक शिकायत की कॉपी भी उसके पास है, जिस पर क्लास के कुछ विद्यार्थियों के हस्ताक्षर हैं। छात्र का आरोप है कि उसने इससे पहले भी संस्थान के विभिन्न अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी, लेकिन उसे कोई समाधान नहीं मिला।
उसने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद संबंधित इंस्ट्रक्टर ने उससे कहा कि शिकायतों के बावजूद उनका कुछ नहीं हुआ। छात्र के मुताबिक इस तरह की बातों के कारण वह संस्थान में असहज और डरा हुआ महसूस कर रहा है।
दूसरी ओर गवर्नमेंट आईटीआई नारनौल के प्रिंसिपल विनोद खनगवाल ने कहा कि छात्र अभी तक उनसे व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला है और न ही उन्हें उसकी ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त हुई है।
प्रिंसिपल ने कहा कि यदि छात्र लिखित शिकायत देता है तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी को संस्थान में डर के माहौल में नहीं रहना चाहिए। यदि किसी शिक्षक, विद्यार्थी अथवा बाहरी व्यक्ति द्वारा किसी छात्र के साथ दुर्व्यवहार या मारपीट की जाती है तो इसकी सूचना तुरंत संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों को दी जानी चाहिए।
फिलहाल छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों की संस्थागत जांच होना बाकी है। संबंधित शिक्षकों का विस्तृत पक्ष भी सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
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