रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एनएसओ) के सदस्यों ने नशे के खिलाफ अभियान शुरू किया। संगठन के सदस्य परिसर में एकत्रित होकर कुलपति कार्यालय पहुंचे और दस सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। उनकी मांगों में चौधरी छोटूराम की आदमकद प्रतिमा, शिक्षकों की भर्ती, छात्राओं के लिए बस सेवा और हॉस्टल सुविधाएं शामिल हैं।
एनएसओ अध्यक्ष सुधीर सहारण ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में चौधरी छोटूराम की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव पूर्व कुलपति के सामने रखा गया था। उनके अनुसार प्रस्ताव मंजूर होने के बावजूद प्रतिमा नहीं लगाई गई। उन्होंने प्रशासन से छात्रों की मांग को देखते हुए इस काम को पूरा कराने की अपील की।
सहारण ने विश्वविद्यालय में लंबे समय से शिक्षक और गैर-शिक्षक पदों पर भर्ती नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कर्मचारियों की कमी से विद्यार्थियों, विशेषकर शोध छात्रों को परेशानी हो रही है। संगठन ने नियमों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और पाठ्यक्रमों की फीस नहीं बढ़ाने की मांग की है।
ज्ञापन में लड़कों और लड़कियों के हॉस्टल के कॉमन रूम में अखबार, पत्रिकाएं और खेल सामग्री उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। छात्राओं की आवाजाही और सुरक्षा के लिए सुबह, दोपहर तथा शाम को हॉस्टल से विभागों तक बस चलाने का सुझाव भी दिया गया। संगठन ने प्रमुख चौक-चौराहों पर बैरिकेड और सुरक्षाकर्मी तैनात करने की मांग की।
एनएसओ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि परिसर के कुछ बूथों और कैंटीनों में विद्यार्थियों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। उन्होंने इनकी जांच कराने और नशे की रोकथाम के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर विशेष अभियान चलाने को कहा। संगठन ने छात्र प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच हर महीने बैठक कराने की मांग भी की है।
सहारण ने हॉस्टल नंबर तीन के नवीनीकरण पर सवाल उठाते हुए काम और खर्च की जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से काम चलने के बावजूद छात्रों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिली। इन आरोपों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है।
![]()











