स्वास्थ्य विभाग की नई ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में सोमवार को सिरसा जिले के नर्सिंग स्टाफ ने प्रदर्शन किया। सुबह करीब 10 बजे सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नर्सिंग कर्मचारी धरने पर बैठे। करीब तीन घंटे की सांकेतिक हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने अनिवार्य तबादले, दूरस्थ तैनाती और शिफ्ट ड्यूटी में आने-जाने की परेशानियों को लेकर विरोध जताया।
नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन सिरसा के प्रधान राजकुमार भारद्वाज ने बताया कि पहले नर्सिंग कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर ड्राइव में शामिल होना अनिवार्य नहीं था। उनके अनुसार, नई व्यवस्था में एक स्थान पर पांच साल पूरे करने वाले कर्मचारियों को इसमें अनिवार्य रूप से भाग लेना होगा। वहीं, एक साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी भी ड्राइव में शामिल हो सकते हैं। एसोसिएशन ने इसी बदलाव पर आपत्ति जताई है।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि नर्सिंग के खाली पदों पर कैपिंग लगाए जाने से कर्मचारियों के लिए तबादले के विकल्प सीमित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूर-दराज के स्थानों पर तैनाती से दैनिक आवागमन मुश्किल होगा। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कालांवाली अस्पताल के एक क्लर्क का तबादला इस ड्राइव के तहत हिसार किया गया है।
एसोसिएशन प्रधान ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी अलग-अलग शिफ्ट में होती है। कभी सुबह, कभी शाम और कभी रात को अस्पताल पहुंचना पड़ता है। नर्सिंग में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं। ऐसे में दूर तबादला होने पर रात के समय आने-जाने और सुरक्षा को लेकर परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने तबादले में अंकों की व्यवस्था से पुरुष कर्मचारियों को दूर तैनाती मिलने की आशंका भी जताई।
भारद्वाज के अनुसार, ट्रांसफर ड्राइव के पहले चरण में कर्मचारियों का विवरण जुटाया जा रहा है। फार्मासिस्ट की ड्राइव चल रही है और बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के तबादले भी प्रस्तावित हैं। इन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल और सिरसा विधायक गोकुल सेतिया को ज्ञापन सौंपा है। प्रदर्शनकारी नर्सिंग कर्मचारियों ने नीति में उनकी ड्यूटी की प्रकृति और आवागमन की परिस्थितियों को ध्यान में रखने की मांग उठाई।
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