महेंद्रगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की आदर्श ऑनलाइन तबादला नीति के तहत रिक्त पदों को ब्लॉक किए जाने के विरोध में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंगलवार को काले बिल्ले लगाकर काम किया। मल्टीपर्पज हेल्थ इम्प्लाइज एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी सांकेतिक विरोध में भाग लेते हुए तबादले के लिए उपलब्ध पदों की संख्या बढ़ाने की मांग की।
एसोसिएशन के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश चौहान ने बताया कि महेंद्रगढ़ जिले में मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर यानी एमपीएचडब्ल्यू के कुल 150 पद हैं। उनके मुताबिक, इनमें से केवल 49 पद तबादले के लिए खोले गए हैं, जबकि 69 पदों को ब्लॉक किया गया है। संगठन ने ब्लॉक किए गए रिक्त पदों को तुरंत खोलने की मांग रखी है।
चौहान का कहना है कि खाली पदों को ब्लॉक करने से कर्मचारियों के तबादले के विकल्प सीमित हो रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इस व्यवस्था से नई भर्तियों के अवसर भी प्रभावित होंगे। एसोसिएशन ने अन्य रिक्त पदों पर जल्द भर्ती करने की मांग भी की है, ताकि उपलब्ध कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव न बढ़े।
संगठन के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए खाली पदों को भरना जरूरी है। चौहान ने कहा कि कर्मचारियों की कमी और रिक्त पदों को उपलब्ध नहीं कराने से काम का बोझ बढ़ सकता है, जिसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की आशंका है। इसी कारण एसोसिएशन तबादला प्रक्रिया में ब्लॉक किए गए पदों को खोलने पर जोर दे रही है।
मंगलवार के विरोध को चौहान ने सांकेतिक बताया। कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई और मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई। उनका कहना है कि तबादला नीति से जुड़ी इस समस्या का समाधान होना चाहिए।
मुकेश चौहान ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो सात अक्टूबर से प्रदेश के सभी जिलों के कर्मचारी पंचकूला स्थित महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालय पर क्रमिक अनशन शुरू करेंगे। एसोसिएशन की प्रमुख मांग ब्लॉक किए गए सभी रिक्त पदों को खोलना और अन्य खाली पदों पर शीघ्र भर्ती करना है।
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