अंबाला, हरियाणा। अंबाला में राम बाजार के कारोबारी महेश गुप्ता की हत्या के मामले में गिरफ्तार महिला प्रिया और उसके भाई हेमंत को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। दोनों की पहली जमानत याचिका अंबाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता और गवाहों की गवाही से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार किया।
जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में प्रिया और उसके भाई को करीब ढाई साल पहले गिरफ्तार किया था। इसके बाद से दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। जेल से बाहर आने के लिए दोनों ने पहली बार अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान को अदालत ने माना अहम
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों ने दोनों आरोपियों को वारदात को अंजाम देते हुए देखने की बात कही है। न्यायालय ने हत्या के मामले को बेहद गंभीर माना। साथ ही यह भी उल्लेख किया कि मामले में मुख्य गवाहों की क्रॉस-एग्जामिनेशन यानी प्रतिपरीक्षा अभी लंबित है।
अदालत के अनुसार, इस स्तर पर आरोपियों को जमानत देने से मुकदमे की प्रक्रिया प्रभावित होने का सीधा जोखिम हो सकता है। इसी आधार पर उनकी जमानत याचिका स्वीकार नहीं की गई।
महेश गुप्ता प्रिया को मानते थे मुंहबोली बहन
मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, राम बाजार के कारोबारी महेश गुप्ता प्रिया को अपनी मुंहबोली बहन मानते थे। आरोप है कि तांत्रिक क्रिया के नाम पर उन्हें निशाना बनाया गया और उनकी हत्या कर दी गई। इसी मामले में प्रिया और उसके भाई हेमंत को गिरफ्तार किया गया था।
दोनों आरोपी अंबाला कैंट के रेल विहार क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। प्रिया की उम्र 40 वर्ष बताई गई है, जबकि उसके भाई हेमंत की उम्र भी 40 वर्ष बताई गई है।
अदालत के फैसले के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। मामले में मुख्य गवाहों की प्रतिपरीक्षा पूरी होने और आगे की न्यायिक कार्यवाही पर अब नजर रहेगी। आरोपों पर अंतिम निर्णय मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद ही होगा।
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