हरियाणा में बिजलीकर्मियों की हड़ताल के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली निगम के निजीकरण के फैसले के विरोध में गुरुग्राम और नूंह से शुरू हुई हड़ताल का असर प्रदेश के अधिकांश जिलों तक पहुंच गया। शुक्रवार शाम हड़ताल का दूसरा दिन पूरा होने तक कई शहरों में बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहने की शिकायतें सामने आईं। कुछ इलाकों में लोगों को 24 घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
बिजली न होने से घरेलू कामकाज के साथ दुकानदारों और सार्वजनिक सेवाओं पर भी असर पड़ा। अलग-अलग जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
हिसार में पेयजल सप्लाई रोकी, रेवाड़ी में इलेक्ट्रिक बसें बंद
हिसार में लोगों ने बिजली निगम के कार्यालय में जा रही पेयजल सप्लाई रोक दी। वहीं, रेवाड़ी बस अड्डे पर बिजली नहीं आने से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बंद हो गया। जानकारी के अनुसार, वहां एक पुलिसकर्मी ने लाइन चालू की, जिसके बाद स्थिति में सुधार की कोशिश की गई।
गुरुग्राम में गुरुवार रात बिजली न होने के कारण दुकानदारों को मोमबत्तियां जलानी पड़ीं। बिजली संकट का असर कारोबार पर भी देखने को मिला। लगातार आपूर्ति बाधित रहने से दुकानदारों को अपने कामकाज में परेशानी हुई।
पानीपत में दूध-दही के ऑर्डर रद्द, इलेक्ट्रिक कांटे भी बंद
पानीपत के सेक्टर-25 निवासी दुकानदार बिजेंद्र जैन ने बताया कि बिजली की समस्या के चलते उन्होंने शुक्रवार और शनिवार के लिए दूध-दही के ऑर्डर रद्द कर दिए हैं। उनके मुताबिक, पिछले 24 घंटों में एक-दो बार ही कुछ मिनटों के लिए बिजली आई।
बिजली नहीं होने से इलेक्ट्रिक कांटे भी बंद हो गए, जिससे कारोबार प्रभावित हुआ। लगातार बिजली कटौती के कारण दुकानदारों को रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
थर्मल प्लांट की दो यूनिट बंद होने की जानकारी
पानीपत थर्मल पावर प्लांट की दो यूनिट बंद होने की जानकारी भी सामने आई है। इस प्लांट से पानीपत, करनाल, रोहतक, सोनीपत, अंबाला, हिसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति होती है।
निजीकरण के विरोध में जारी हड़ताल के बीच बिजली आपूर्ति और जनसेवाओं पर पड़े असर को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हड़ताल और बिजली व्यवस्था की स्थिति को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है।
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