प्रशासनिक प्रक्रिया लंबी, चुनाव आयोग भी तैयारियों में नहीं
चंडीगढ़: हरियाणा के तीन नगर निगम—जिनके कार्यकाल का अंत जनवरी में हो रहा है—के चुनाव तय समय पर होते नहीं दिख रहे। सूत्रों के अनुसार, दो निगमों में वार्डबंदी से जुड़े विवाद अभी तक सुलझ नहीं पाए हैं, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया आगे खिसक गई है। वार्डबंदी पर कई आपत्तियां दर्ज हुई थीं, जिनकी सुनवाई और अंतिम निर्णय में देरी हो रही है।
स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वार्डबंदी रिपोर्ट में संशोधन और नई सीमाओं को अंतिम रूप देने के लिए समय लग रहा है। जब तक वार्डबंदी अधिसूचना जारी नहीं होती, चुनाव आयोग आगे की तैयारी शुरू नहीं कर सकता। यही वजह है कि जनवरी में कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद चुनाव कराना संभव नहीं होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में फरवरी तक वार्डबंदी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। इसके बाद मतदाता सूची संशोधन, बूथ निर्धारण, चुनाव कार्यक्रम और अधिसूचना जैसे चरणों के लिए भी समय चाहिए। ऐसे में नगर निगम चुनाव मार्च या अप्रैल 2025 तक जाने तय माने जा रहे हैं।
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