किशोरी हत्या मामले पर सख्त रुख

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Jalandhar minor murder
Jalandhar minor murder

तीन दिन बाद शीर्ष पुलिस अधिकारी ने परिवार से मुलाकात

जालंधर में नाबालिग की हत्या के मामले ने स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। परिजन लगातार आरोप लगा रहे थे कि पुलिस ने शुरुआती चरण में मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी वजह से जांच धीमी पड़ गई। घटना के तीन दिन बाद पुलिस कमिश्नर स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं और पूरी घटना की जानकारी लेकर उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।

कमिश्नर ने परिजनों से बातचीत के दौरान स्पष्ट कहा कि मामले में किसी भी स्तर की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच टीम को तुरंत मजबूत किया गया है और सभी संदिग्धों की भूमिका की गहनता से पड़ताल की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।

परिवार ने बताया कि घटना के समय पुलिस को बार-बार कॉल किए गए थे, परंतु प्रतिक्रिया देर से मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती जांच धीमी रही, जिसके चलते महत्वपूर्ण सुराग मिलने में देरी हुई। इस पर कमिश्नर ने कहा कि मामले की टाइमलाइन, रिस्पॉन्स और टीम की कार्यशैली की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की वारदातों में देरी से कार्रवाई अपराधियों के हौसले बढ़ाती है। कमिश्नर ने आश्वस्त किया कि पुलिस की प्राथमिकता इस केस को जल्द से जल्द सुलझाना और दोषियों को अदालत तक पहुंचाना है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस तैनात की गई है और तकनीकी जांच — जैसे CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और फोरेंसिक रिपोर्ट — तेज गति से आगे बढ़ रही है।

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