रामचंद्र जांगड़ा का बड़ा बयान, जाति राजनीति पर साधा निशाना

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Ramchandra Jangra

राज्यसभा सांसद बोले– देवीलाल से शुरू हुई जातिगत राजनीति,

हुड्डा शासन में पहुंची चरम पर

हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर जातिवाद को लेकर बहस तेज हो गई है। रोहतक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला। जांगड़ा ने दावा किया कि प्रदेश की राजनीति में जातिवाद की शुरुआत चौधरी देवीलाल के दौर में हुई और भूपेंद्र हुड्डा के शासनकाल में यह अपने चरम पर पहुंच गई।

सांसद जांगड़ा ने कहा कि हरियाणा की राजनीति लंबे समय तक विकास और किसानों के मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती रही, लेकिन समय के साथ राजनीतिक दलों ने वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा देना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जाति के आधार पर समाज को बांटने की प्रवृत्ति ने प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया है।

रामचंद्र जांगड़ा के अनुसार, किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीति का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, न कि विभाजित करना। उन्होंने कहा कि जातिगत समीकरणों के सहारे सत्ता हासिल करने की कोशिशों ने योग्य लोगों को पीछे धकेला और राजनीति में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को कमजोर किया।

जांगड़ा ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जरूरत इस बात की है कि प्रदेश की राजनीति विकास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर केंद्रित हो। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जाति से ऊपर उठकर मुद्दों पर आधारित राजनीति को समर्थन दें।

सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस समर्थकों ने जांगड़ा के आरोपों को निराधार बताते हुए पलटवार किया है और कहा है कि भूपेंद्र हुड्डा के कार्यकाल में प्रदेश में कई विकासात्मक कार्य हुए। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए दिए जा रहे हैं, ताकि राजनीतिक ध्रुवीकरण को धार दी जा सके। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

 

 

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