कंपकंपाती सुबहें, सर्दी ने बढ़ाई मुश्किलें
हरियाणा में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और शीतलहर ने लोगों को कंपकंपी छुड़ा दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान तेजी से गिरा है, जिससे सुबह और रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। हिसार में इस मौसम का अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया, जिसने ठंड के पिछले सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर दिशा से आ रही ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रात के तापमान में भारी गिरावट देखी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में खुले स्थानों पर पाला पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसान वर्ग मौसम के इस बदलाव को लेकर खासा चिंतित नजर आ रहा है।
ठंड बढ़ने के कारण आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम देखने को मिल रही है, वहीं बाजार देर से खुल रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोग अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन तेज सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन कम होने का नाम नहीं ले रही।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है। न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना जताई गई है, जिससे पारा शून्य के करीब पहुंच सकता है। इसके साथ ही सुबह के समय घना कोहरा भी छाने की आशंका है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है और सड़क व रेल यातायात पर असर पड़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने, सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत बताई गई है। प्रशासन ने भी जरूरतमंद लोगों के लिए रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
कुल मिलाकर, हरियाणा में सर्दी अपने चरम पर पहुंचती नजर आ रही है। आने वाले कुछ दिन लोगों के लिए और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही इस ठंड से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।
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