झज्जर : आम आदमी पार्टी की जिला अध्यक्ष अभिता द्विजा ने हरियाणा CID पर उनके घर पहुंचकर निजी और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मांगने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उन्हें एक फॉर्म दिया गया, जिसमें संपत्ति, परिवार में सरकारी नौकरी, राजनीतिक करियर, सोशल मीडिया गतिविधियों के साथ उनकी खूबियों-कमियों और समर्थकों-विरोधियों तक के बारे में जानकारी मांगी गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस संबंध में अभी कोई शिकायत नहीं मिली है।
अभिता द्विजा के मुताबिक वह पहले CJP के एक प्रदर्शन में शामिल हुई थीं और बाद में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान से भी जुड़ीं। उनका आरोप है कि इन गतिविधियों के बाद CID के कर्मचारी उनके घर पहुंचे और व्यक्तिगत व राजनीतिक जानकारी एकत्र की।
अभिता ने दावा किया कि CID की ओर से उन्हें एक फॉर्म भरने के लिए दिया गया। उन्होंने मीडिया के सामने कथित फॉर्म भी दिखाया और कहा कि इसमें नाम व उपनाम, पिता का नाम, परिवार, मोबाइल नंबर, संपत्ति और विधानसभा क्षेत्र जैसी जानकारी से संबंधित कॉलम थे।
उनके मुताबिक फॉर्म में राजनीतिक करियर, संगठन और पद, राजनीतिक एवं सामाजिक स्तर पर मतदाताओं के बीच पकड़, खूबियां और कमियां, सहयोगियों और विरोधियों, राजनीतिक-सामाजिक सक्रियता, सोशल मीडिया गतिविधियों तथा आपराधिक पृष्ठभूमि या मुकदमों के संबंध में भी जानकारी मांगी गई।
अभिता ने सवाल उठाया कि जब उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है तो इस स्तर पर निजी और राजनीतिक जानकारी क्यों जुटाई जा रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रोफाइलिंग बताते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की जानकारी एकत्र की जा रही है।
AAP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके परिवार में किसी व्यक्ति के सरकारी नौकरी में होने या नहीं होने के बारे में पूछा गया। उनका कहना है कि इस तरह की जानकारी मांगने से उन्हें आशंका है कि परिवार के सदस्यों पर भी दबाव बनाया जा सकता है।
अभिता के अनुसार किसी राजनीतिक या सामाजिक कार्यकर्ता से उसके समर्थकों और विरोधियों की जानकारी मांगने का औचित्य भी स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी जानकारी का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की राजनीतिक या सामाजिक गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने दावा किया कि CJP से जुड़े प्रदर्शन और ‘स्कूल ठीक करो’ आंदोलन का समर्थन करने के कारण उनकी निगरानी की जा रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई भाजपा सरकार के इशारे पर की जा रही है। हालांकि इस आरोप के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है और सरकार या CID का विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं है।
अभिता ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल युवाओं को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद आंदोलन में सक्रिय लोगों से इस प्रकार की जानकारी जुटाई जा रही है।
उन्होंने नोएडा में एक छात्र को पांच लाख रुपये के बॉन्ड से संबंधित नोटिस दिए जाने के हालिया मामले का भी जिक्र किया। बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद संबंधित नोटिस वापस ले लिया गया था। हालांकि उस मामले और अभिता द्विजा से कथित तौर पर जानकारी मांगने की घटना की कानूनी परिस्थितियां अलग-अलग हो सकती हैं।
अभिता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी आंदोलन का समर्थन करना या सरकार से सवाल पूछना अपराध नहीं है। उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है तो उससे राजनीतिक गतिविधियों और निजी जीवन से जुड़ी इतनी विस्तृत जानकारी मांगने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए।
मामले को लेकर शहर थाना SHO हरेश कुमार ने कहा कि उनके पास इस संबंध में अभी कोई शिकायत नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत मिलती है तो उसकी जांच की जाएगी।
फिलहाल CID या हरियाणा सरकार की ओर से अभिता द्विजा के आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में कथित फॉर्म किस प्रक्रिया के तहत भरवाया गया, इसका उद्देश्य क्या था और जानकारी किस स्तर पर मांगी गई, इन सवालों की स्थिति संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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