एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी ADR की रिपोर्ट में देश के मुख्यमंत्रियों की घोषित संपत्ति को लेकर कई अहम आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति में काफी बड़ा अंतर है। कुछ मुख्यमंत्रियों की कुल घोषित संपत्ति करोड़ों में है, जबकि कुछ की संपत्ति तुलनात्मक रूप से काफी कम है।
रिपोर्ट के आंकड़ों में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की घोषित संपत्ति पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से अधिक बताई गई है। वहीं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की संपत्ति इन दोनों के मुकाबले ज्यादा है। इससे उत्तर भारत के इन तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
ADR की रिपोर्ट में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की संपत्ति सबसे ज्यादा बताई गई है। हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि डी.के. शिवकुमार मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री हैं। उनकी घोषित संपत्ति अन्य कई बड़े राजनीतिक नेताओं की तुलना में काफी अधिक है।
ADR ऐसे आंकड़े चुनाव के दौरान उम्मीदवारों की ओर से दाखिल किए गए हलफनामों में घोषित संपत्ति और देनदारियों के आधार पर संकलित करता है। इसमें जमीन, मकान, वाहन, बैंक जमा, निवेश और अन्य चल-अचल संपत्तियों की जानकारी शामिल हो सकती है। इसलिए रिपोर्ट में दिखाई गई रकम नेताओं की ओर से चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्ति को दर्शाती है।
मुख्यमंत्रियों की संपत्ति की तुलना करते समय यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि अलग-अलग नेताओं के हलफनामे अलग चुनावों और अलग समय पर दाखिल हुए हो सकते हैं। इसलिए इन आंकड़ों को वर्तमान बाजार मूल्य या वास्तविक व्यक्तिगत संपत्ति का ताजा आकलन नहीं माना जाना चाहिए।
ADR रिपोर्ट के आंकड़ों ने एक बार फिर राजनीतिक नेताओं की संपत्ति और उनके चुनावी हलफनामों में दी गई जानकारी को चर्चा में ला दिया है। रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि देश के अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की आर्थिक स्थिति में काफी अंतर है। संपत्ति से जुड़े ये आंकड़े सार्वजनिक हलफनामों पर आधारित हैं और समय के साथ इनमें बदलाव हो सकता है।
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