सोनीपत : हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड के बाद चर्चा में आए राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया को लेकर मंगलवार को सोनीपत के शाहपुर गांव में पंचायत बुलाई गई है। पंचायत में आसपास के पांच गांवों के ग्रामीणों के शामिल होने की बात कही गई है। भोलू पिछले करीब चार साल से फरार बताया जा रहा है और परिवार का कहना है कि उसे पहले ही बेदखल किया जा चुका है।
परिवार का कहना है कि अगर भोलू किसी आपराधिक मामले में दोषी है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। परिजनों के मुताबिक उन्हें भी इस बात की जानकारी नहीं है कि भोलू वर्तमान में कहां है।
परिवार का दावा है कि पुलिस की लगातार आवाजाही के कारण घर के अन्य युवक भी सामने नहीं आ रहे हैं। भोलू की मां फिलहाल घर में अकेली रह रही हैं। परिवार के अनुसार करीब दो महीने पहले बीमारी के कारण भोलू के पिता की मौत हो गई थी, लेकिन वह पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल होने नहीं आया था। परिजन इसे इस बात के उदाहरण के रूप में बता रहे हैं कि लंबे समय से उनका भोलू से संपर्क नहीं है।
दरअसल 26 अगस्त को अंकित बालियान की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर भोलू शाहपुरिया के नाम से एक इंस्टाग्राम पोस्ट सामने आई थी। इस पोस्ट में अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया और एक गाने से जुड़े विवाद का जिक्र किया गया था।
हालांकि सोशल मीडिया पर किसी नाम या अकाउंट से किया गया दावा अपने आप में यह साबित नहीं करता कि पोस्ट वास्तव में उसी व्यक्ति ने की थी या हत्या में उसकी भूमिका थी। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है।
भोलू शाहपुरिया का नाम इससे पहले भी विभिन्न आपराधिक मामलों की जांच में सामने आने की बात कही गई है। शाहपुर गांव में चली आ रही पुरानी रंजिश की शुरुआत वर्ष 2014 में पूर्व सरपंच विनोद उर्फ धोला की हत्या से जोड़ी जाती है। इस हत्या का आरोप दीपक गुहणा पर लगा था। विनोद को भोलू का चाचा बताया गया है।
इस मामले में दीपक गुहणा को गिरफ्तार किया गया था और वर्ष 2018 में अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। नवंबर 2024 में वह मेडिकल बेल पर जेल से बाहर आया। इसके बाद 27 फरवरी 2025 को सोनीपत के बहालगढ़ इलाके में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
दीपक गुहणा हत्याकांड की जांच में पुलिस ने राकेश उर्फ पंपू और भोलू शाहपुरिया सहित अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच की। इन मामलों से जुड़े अलग-अलग आरोपों और आपराधिक साजिशों का निर्धारण संबंधित पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।
अंकित बालियान हत्याकांड में एक हरियाणवी गाना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। राहुल पुठी के गाए ‘कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ गाने में अंकित बालियान ने अभिनय किया था। सोशल मीडिया और जांच से जुड़े दावों में इस गाने को पुराने गोगी-टिल्लू गैंग विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि गाने में अभिनय करने मात्र से अंकित बालियान का किसी गैंग से संबंध साबित नहीं होता। गाने के गायक राहुल पुठी भी सार्वजनिक रूप से किसी गैंग से अपना संबंध होने से इनकार कर चुके हैं।
मामले में कनाडा में रहने वाले चिराग का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उसने गाने को लेकर अंकित बालियान को फोन पर धमकी दी थी। यह भी जांच का विषय है और आरोप की अंतिम पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
इसी पूरे घटनाक्रम के बीच अब शाहपुर गांव में होने वाली पंचायत पर नजर है। पांच गांवों के ग्रामीणों की मौजूदगी में भोलू के परिवार की स्थिति और पुलिस की लगातार कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
परिवार ने स्पष्ट किया है कि वह किसी अपराध का समर्थन नहीं करता। उनकी मांग है कि यदि भोलू के खिलाफ पुलिस के पास सबूत हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन उसके परिवार के अन्य सदस्यों को उसके कथित अपराधों के लिए जिम्मेदार न माना जाए।
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