हरभजन सिंह हत्याकांड के बाद धमकी भरा ऑडियो वायरल, पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के करीबियों को दी चेतावनी; पुलिस के लिए ऑडियो की सत्यता बड़ी कड़ी

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Harbhajan Singh Murder

यमुनानगर : मॉडल टाउन में 3 सितंबर को जिम के बाहर फाइनेंसर हरभजन सिंह की गोली मारकर हत्या के मामले में अब करीब 3 मिनट 22 सेकेंड का एक कथित ऑडियो सामने आया है। ऑडियो में बोलने वाला व्यक्ति खुद को शुभम पंडित बताते हुए काला राणा और रोहित गोदारा ग्रुप से जुड़ा होने का दावा करता है। इसमें हरभजन सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लेने के साथ पूर्व विधायक दिलबाग सिंह और उनके करीबियों को धमकी दी गई है।

हालांकि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि आवाज वास्तव में किस व्यक्ति की है और रिकॉर्डिंग कब तथा कहां की गई। ऐसे में ऑडियो में किए गए दावों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

ऑडियो में बोलने वाला व्यक्ति दावा करता है कि हरभजन सिंह पूर्व विधायक दिलबाग सिंह और उनके भाई के साथ बैठकर उनके बारे में बातें करता था। इसी कथित रंजिश को हत्या की वजह बताते हुए दिलबाग सिंह के साथ रहने वाले अन्य लोगों को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।

ऑडियो में कई लोगों के नाम कथित सूची में होने और उन्हें निशाना बनाने जैसी धमकियां भी सुनाई देती हैं। इसके साथ दिलबाग सिंह और उनके करीबियों पर कई आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की भी कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

इससे पहले सोशल मीडिया पर काला राणा ग्रुप के नाम से एक इंस्टाग्राम पोस्ट भी सामने आई थी, जिसमें हरभजन सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पुलिस ने बाद में संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट को हटवाने की कार्रवाई की थी। अब सामने आए ऑडियो के बाद जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि सोशल मीडिया पोस्ट और वायरल रिकॉर्डिंग के पीछे वास्तव में कौन लोग हैं और क्या उनका हत्या से सीधा संबंध है।

हरभजन सिंह की 3 सितंबर की सुबह यमुनानगर के मॉडल टाउन इलाके में हत्या हुई थी। वह रोजाना की तरह जिम में एक्सरसाइज करने पहुंचे थे। सुबह करीब 7 से 7:30 बजे के बीच जिम से निकलकर अपनी गाड़ी की तरफ जाते समय बाइक सवार दो हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी थी।

गोलियां लगने से हरभजन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर बाइक से फरार हो गए थे। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली थी।

फुटेज में बाइक पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए थे, जिनके चेहरे ढके हुए थे। पुलिस उनकी पहचान, इस्तेमाल की गई बाइक और वारदात के बाद भागने के रास्ते का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

हरभजन सिंह के बेटे ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि उनके पिता के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह के साथ पारिवारिक संबंध थे। परिवार ने आशंका जताई थी कि दिलबाग सिंह से चली आ रही किसी पुरानी रंजिश के कारण हरभजन सिंह को निशाना बनाया गया हो सकता है। यह परिवार की आशंका है और हत्या के वास्तविक कारण का निर्धारण पुलिस जांच के बाद होगा।

परिवार ने एक अन्य पुराने व्यावसायिक विवाद का भी जिक्र किया था। पुलिस के सामने ऐसे में हत्या के पीछे संभावित गैंग रंजिश सहित दूसरे पहलुओं की जांच करने की चुनौती है।

पूर्व विधायक दिलबाग सिंह और काला राणा के परिवारों के बीच पुरानी रंजिश से जुड़े कई आपराधिक मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। वर्ष 2017 में दोनों पक्षों से जुड़े लोगों के बीच हमले और फायरिंग के मामले दर्ज हुए थे। मार्च 2026 में दिलबाग सिंह की फैक्ट्री के बाहर भी फायरिंग की घटना हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी लेने के दावे सोशल मीडिया पर सामने आए थे।

नए वायरल ऑडियो में इसी पुरानी दुश्मनी को आगे जारी रखने जैसी बातें कही गई हैं। पुलिस के लिए अब ऑडियो की तकनीकी जांच, इसे प्रसारित करने वाले स्रोत की पहचान और इसमें किए गए दावों का हरभजन सिंह हत्याकांड से संबंध पता लगाना महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल हत्या के मामले में बाइक सवार हमलावरों की तलाश जारी है। वायरल पोस्ट या ऑडियो में किसी व्यक्ति अथवा गिरोह द्वारा जिम्मेदारी लेने का दावा अपने आप में अपराध में उसकी भूमिका साबित नहीं करता। इसकी पुष्टि पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से ही होगी।

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