रोहतक में 2 मेडिकल स्टोर पर ड्रग कंट्रोल टीम की रेड, दवाइयां कब्जे में लेकर दिया शो-कॉज नोटिस; जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो लाइसेंस पर कार्रवाई

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Rohtak Medical Store Raid

रोहतक : जिले के गांव मदीना में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ड्रग कंट्रोल विभाग की टीम ने दो मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम ने दुकानों पर रखी दवाइयों और उनके रिकॉर्ड की जांच की। विभाग के अनुसार दोनों मेडिकल स्टोर पर ऐसी दवाइयां मिलीं, जिनकी बिक्री और इस्तेमाल को लेकर विशेष नियम लागू हैं और जिनका कथित तौर पर नशे के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है।

छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस को भी टीम के साथ रखा गया। कार्रवाई के लिए अलग-अलग जिलों के अधिकारियों को शामिल कर टीम बनाई गई थी। अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर खुलवाकर वहां मौजूद दवाइयों के स्टॉक, बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की।

ड्रग कंट्रोल टीम के मुताबिक जांच के दौरान कुछ ऐसी दवाइयां मिलीं, जिन्हें डॉक्टर की सलाह या निर्धारित नियमों के तहत ही लिया जाना चाहिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बरामद दवाइयां नारकोटिक्स की श्रेणी में नहीं आतीं, लेकिन इनका नशे के रूप में दुरुपयोग किए जाने की आशंका रहती है।

विभाग का कहना है कि इसी कारण ऐसी दवाइयों की बिक्री पर निगरानी रखी जाती है और मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है।

टीम ने दोनों मेडिकल स्टोर से संबंधित दवाइयों को कब्जे में लेकर आगे की विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर संचालकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से उनसे दवाइयों के स्टॉक और बिक्री से जुड़े मामले में जवाब मांगा गया है।

अधिकारियों के मुताबिक मेडिकल स्टोर संचालकों की ओर से दिए जाने वाले जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित मेडिकल स्टोर के लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इसमें लाइसेंस निलंबित या रद्द करने जैसी विभागीय प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है।

फिलहाल शो-कॉज नोटिस जारी होना अपने आप में अंतिम दोष निर्धारण नहीं है। मेडिकल स्टोर संचालकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा और उसके बाद विभाग नियमानुसार निर्णय लेगा।

ड्रग कंट्रोल विभाग ने बताया कि नशे के लिए दवाइयों के कथित दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से मेडिकल स्टोरों की निगरानी आगे भी जारी रहेगी। संदिग्ध तरीके से दवाइयों की बिक्री की सूचना मिलने पर रिकॉर्ड और स्टॉक की जांच की जाएगी।

विभाग का कहना है कि मेडिकल स्टोर संचालकों को दवाइयों की बिक्री से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन करना होगा और आवश्यक रिकॉर्ड अपडेट रखना होगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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