राकेश पंपू की सुरक्षा पर हाईकोर्ट का आदेश, हरियाणा में पेशी के दौरान साथ रहेंगे हथियारबंद सुरक्षाकर्मी; UP ले जाने की अर्जी पर 10 सितंबर को सुनवाई

3
Rakesh Pampu

चंडीगढ़ : हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड के संदर्भ में चर्चा में आए राकेश उर्फ पंपू की सुरक्षा को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि जब भी राकेश को हरियाणा की किसी अदालत में पेशी के लिए ले जाया जाए, उसके वाहन के साथ पर्याप्त संख्या में हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं।

न्यायमूर्ति नीरजा के. कलसन की कोर्ट ने 3 सितंबर को राकेश की आपराधिक रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिया। कोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था किसी अप्रिय घटना को रोकने और हिरासत के दौरान उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से करने को कहा है।

राकेश उर्फ पंपू फिलहाल करनाल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद है। वह सोनीपत जिले के बहालगढ़ थाने में 27 फरवरी 2025 को दर्ज एक आपराधिक मामले में आरोपी है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना है।

राकेश की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अमन पाल और अधिवक्ता जपसेहज सिंह हाईकोर्ट में पेश हुए। हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता सुशील भारद्वाज ने पक्ष रखा।

याचिका में राकेश ने वर्ष 2017 में हुई एक घटना का हवाला देते हुए अपनी सुरक्षा को खतरा बताया था। कोर्ट को बताया गया कि 5 दिसंबर 2017 को पेशी के लिए ले जाते समय उस पर हमला हुआ था और गोली लगने से वह घायल हो गया था। इस संबंध में राजस्थान के बूंदी जिले के कोतवाली बूंदी थाने में FIR दर्ज की गई थी।

याचिकाकर्ता के अनुसार उस घटना के बाद भी उसने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। उस समय भी अदालत ने पेशी के दौरान पर्याप्त सशस्त्र सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।

मौजूदा याचिका में अंकित बालियान हत्याकांड का भी जिक्र किया गया। राकेश की ओर से आशंका जताई गई कि उत्तर प्रदेश पुलिस उसे जांच में शामिल करने के लिए प्रोडक्शन वारंट पर जेल से बाहर ले जा सकती है और इस दौरान उसकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

राकेश की ओर से यह आशंका उसके वकीलों ने अदालत के सामने रखी थी। इसे किसी संभावित पुलिस कार्रवाई या खतरे की पुष्टि नहीं माना जा सकता।

याचिका के मुताबिक राकेश ने 31 अगस्त को संबंधित अधिकारियों को अपनी सुरक्षा को लेकर एक लिखित आवेदन भी दिया था। उसका आरोप था कि आवेदन पर कार्रवाई नहीं हुई। याचिका में हिरासत के दौरान जीवन और शारीरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई थी।

इसके अलावा पुलिस हिरासत से पहले और बाद में मेडिकल जांच कराने तथा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग कराने की मांग भी याचिका में शामिल थी।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मुख्य रूप से हरियाणा की अदालतों में पेशी के दौरान पर्याप्त सशस्त्र सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। आदेश की प्रति करनाल के पुलिस अधीक्षक और जिला जेल करनाल के जेल अधीक्षक को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।

उत्तर प्रदेश में पेशी की स्थिति को लेकर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि राकेश को वहां की किसी अदालत में पेश किया जाता है तो वह अपनी सुरक्षा के लिए संबंधित कोर्ट के सामने उचित निर्देश देने की मांग कर सकता है।

इसी बीच उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से राकेश को प्रोडक्शन वारंट पर लाने के लिए अदालत में आवेदन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस आवेदन पर 10 सितंबर को सुनवाई निर्धारित की गई है।

फिलहाल राकेश करनाल जेल में बंद है। अंकित बालियान हत्याकांड में उसकी कथित भूमिका से जुड़े पहलुओं की जांच अलग विषय है और किसी जांच में नाम सामने आना अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है।

Loading