रेवाड़ी : जिले के भटसाना गांव में 14 एकड़ के फार्म हाउस की डेयरी में करीब तीन फीट नीचे दफन मिले युवक की पहचान हो गई है। मृतक 33 वर्षीय निसार राजस्थान के अलवर जिले के दमदमा का रहने वाला था। पुलिस अब उसकी मौत और शव को दफनाने की पूरी घटना की जांच तीन प्रमुख बिंदुओं पर कर रही है। शुरुआती जांच में पुलिस का फोकस चोरी के शक में मारपीट की आशंका पर अधिक है।
पुलिस के सामने आई शुरुआती जानकारी के मुताबिक आशंका है कि निसार को रविवार को धारूहेड़ा के नंदरामपुर बॉस रोड इलाके में चोरी के शक में कुछ लोगों ने पकड़ लिया था। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और उसकी हालत बिगड़ गई।
पुलिस इस संभावना की जांच कर रही है कि हालत गंभीर होने के बाद उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया हो और रास्ते में उसकी मौत हो गई हो। इसके बाद पुलिस कार्रवाई के डर से शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। हालांकि यह अभी जांच का एक एंगल है और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा अन्य साक्ष्यों के बाद ही वास्तविक घटनाक्रम स्पष्ट होगा।
दूसरे एंगल में पुलिस यह जांच रही है कि निसार आरोपियों का पहले से परिचित या दोस्त तो नहीं था। संभावना जताई जा रही है कि सभी लोग एक साथ मौजूद रहे हों और किसी बात को लेकर विवाद के बाद मारपीट हुई हो। इस थ्योरी की पुष्टि के लिए पुलिस मृतक और संदिग्ध लोगों के बीच पुराने संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
तीसरे एंगल में पुरानी रंजिश, पैसों के लेनदेन और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े संभावित विवादों को भी जांच में शामिल किया गया है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती सुरागों में पुरानी रंजिश की तुलना में चोरी के शक से जुड़ा एंगल अधिक सामने आ रहा है।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी भटसाना स्थित डेयरी में काम करने वाले कर्मचारियों से मिली। कर्मचारियों ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने सफेद रंग की कार से कुछ लोगों को शव उतारते और डेयरी परिसर में दफनाते देखा था। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर धारूहेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जमीन की खुदाई कर करीब ढाई से तीन फीट नीचे से शव बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर पर चोट के निशान मिले थे।
जिस फार्म हाउस में शव मिला, उसके बारे में पुलिस को जानकारी मिली है कि गांव फाजिलपुर निवासी अरुण उर्फ मन्नु ने करीब 14 एकड़ जमीन पट्टे पर ली हुई है। यहां खेती के साथ डेयरी का संचालन भी किया जाता है। पुलिस फार्म हाउस संचालक और उसके बेटे की भूमिका सहित पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक फार्म हाउस मालिक और उसके बेटे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फिलहाल दोनों उपलब्ध नहीं हुए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। केवल संपर्क न होने या संदेह के आधार पर उनकी भूमिका को स्थापित नहीं माना जा सकता।
पुलिस यह भी जांच रही है कि शव को डेयरी में ही दफनाने का फैसला क्यों लिया गया। आशंका जताई गई है कि डेयरी परिसर में मृत पशुओं को दफनाए जाने के कारण आरोपियों ने शव को लंबे समय तक छिपाए रखने के उद्देश्य से यह स्थान चुना हो। इस पहलू की भी अभी पुष्टि नहीं हुई है।
धारूहेड़ा थाना प्रभारी फूल कुमार के अनुसार पुलिस को जांच में कुछ सुराग मिले हैं। शुरुआती परिस्थितियों में मामला रंजिश की अपेक्षा चोरी के शक से जुड़ा लग रहा है, लेकिन वास्तविक कारण संदिग्धों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस फार्म हाउस और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके साथ डेयरी कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि निसार की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को दफनाने में कौन-कौन शामिल था।
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