बहादुरगढ़ में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच कूड़ा उठाने को लेकर प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव का मामला पुलिस तक पहुंच गया है। नागरिक अस्पताल के पास विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम पर कांच की बोतलें, पत्थर और अन्य सामान फेंकने का आरोप लगा है। मामले में नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान समेत करीब 40 सफाई कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिनमें 21 को नामजद किया गया है।
नायब तहसीलदार बहादुरगढ़ प्रवीण कुमार की ओर से सेक्टर-6 थाने में दी गई शिकायत के अनुसार, मंगलवार रात विशेष स्वच्छता अभियान के तहत टीम-3 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कूड़ा उठाने के काम में लगाया गया था। रात करीब 11:30 बजे प्रशासनिक टीम और पुलिस बल नागरिक अस्पताल के पास जमा कूड़ा उठाने पहुंचे।
शिकायत में कहा गया है कि वहां करीब 35 से 40 सफाई कर्मचारी मौजूद थे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। टीम ने कूड़ा उठाने का काम शुरू करने का प्रयास किया तो इसका विरोध किया गया।
प्रशासन की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विरोध के दौरान टीम की ओर कूड़ा-कचरा, कांच की बोतलें, पत्थर और नारियल आदि फेंके गए। इसके साथ ही टीम के सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की और बल प्रयोग करने का भी आरोप लगाया गया है।
इस घटना के बाद सेक्टर-6 थाना पुलिस ने नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान समेत करीब 40 कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इनमें 21 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य की पहचान जांच के दौरान किए जाने की बात है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच ASI स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। घटना के दौरान उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्य भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
दूसरी तरफ सफाई कर्मचारियों ने भी प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि कूड़ा उठाने के विरोध के दौरान पुलिस ने उनके साथ बल प्रयोग किया और महिला कर्मचारियों के साथ भी गलत व्यवहार हुआ। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने लाठीचार्ज के आरोपों से इनकार किया है।
यह विवाद ऐसे समय हुआ है जब बहादुरगढ़ में सफाई कर्मचारियों की लंबी हड़ताल के कारण शहर में बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया था। कर्मचारियों की मांगों में पहले हुए समझौते को लागू करना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना और ठेका प्रथा समाप्त करने जैसी मांगें शामिल हैं।
प्रशासन का कहना है कि आम लोगों की सुविधा और स्वास्थ्य को देखते हुए शहर में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। वहीं कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने प्रशासन की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की है। प्रशासनिक टीम पर बोतलें और पत्थर फेंकने समेत लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। FIR दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है।
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