दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 12 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने का असर बहादुरगढ़ के यात्रियों पर भी पड़ा। ग्रीन लाइन से दिल्ली पहुंचने वाले लोगों को केंद्रीय दिल्ली के कई इलाकों तक जाने में परेशानी हुई। शुक्रवार देर रात डीएमआरसी ने बंद स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए।
बहादुरगढ़ से नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी और व्यापारी रोजाना दिल्ली आते-जाते हैं। स्थानीय स्तर पर करीब दो लाख लोगों के दैनिक आवागमन का आंकड़ा बताया जाता है। हालांकि, यह आंकड़ा केवल मेट्रो यात्रियों की संख्या के रूप में स्पष्ट नहीं किया गया है।
बहादुरगढ़ के यात्री ब्रिगेडियर होशियार सिंह, बहादुरगढ़ सिटी और पंडित श्रीराम शर्मा स्टेशनों से ग्रीन लाइन पर सफर करते हैं। इसके बाद दूसरी मेट्रो लाइनों के जरिए दिल्ली के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचते हैं। प्रमुख स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद रहने से उनकी आगे की यात्रा प्रभावित हुई।
डीएमआरसी ने पहले 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए थे। बाद में बाराखंभा रोड को भी शामिल किया गया। सूची में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली स्टेशन भी शामिल थे।
कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रही। हालांकि, नई दिल्ली स्टेशन पर यह सुविधा भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया। रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को इससे विशेष परेशानी हुई।
बहादुरगढ़ से दिल्ली की ओर ग्रीन लाइन पर मेट्रो सेवा चलती रही। दिक्कत उन यात्रियों को हुई, जिन्हें बंद प्रवेश-निकास वाले स्टेशनों से बाहर निकलना था। कई लोगों ने वैकल्पिक स्टेशनों से निकलकर सड़क मार्ग का सहारा लिया।
राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और नई दिल्ली के आसपास जाने वाले यात्रियों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। मेट्रो से आगे की यात्रा पूरी करने के लिए उन्हें दूसरे परिवहन साधनों पर निर्भर होना पड़ा। देर रात गेट खुलने के बाद बंद स्टेशनों पर प्रवेश और निकास की सुविधा बहाल हो गई।
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