शिक्षिका मनीषा की मौत पर 28 अक्टूबर को बड़ा फैसला, CBI की रिपोर्ट को पिता ने दी चुनौती

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Bhiwani Teacher Manisha Case

भिवानी/पंचकूला, हरियाणा। भिवानी की शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में गुरुवार को पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष सीबीआई अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ मनीषा के पिता द्वारा दाखिल विरोध याचिका पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई है। अदालत ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई के दौरान अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाने की संभावना है।

सीबीआई ने मौत को बताया था आत्महत्या

मामले की जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 12 अगस्त 2026 को विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। रिपोर्ट में जांच एजेंसी ने मनीषा की मौत को हत्या के बजाय आत्महत्या बताया था।

सीबीआई के इस निष्कर्ष से मनीषा के पिता सहमत नहीं हैं। उन्होंने जांच रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए अदालत में विरोध याचिका दाखिल की थी।

पिता ने उठाए जांच पर सवाल

मनीषा के पिता का कहना है कि उनकी बेटी की मौत से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देते हुए अदालत से मामले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।

विरोध याचिका के माध्यम से उन्होंने जांच एजेंसी के निष्कर्षों पर असहमति जताई है। हालांकि याचिका में उठाए गए सभी कानूनी आधारों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

दोनों पक्षों की बहस पूरी, फैसला सुरक्षित

गुरुवार को विशेष सीबीआई अदालत में विरोध याचिका पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रखने का निर्णय लिया।

अब इस मामले में 28 अक्टूबर की तारीख महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत उस दिन विरोध याचिका और क्लोजर रिपोर्ट को लेकर अपना निर्णय सुना सकती है।

अदालत के फैसले पर टिकी निगाहें

इस मामले में अदालत का आगामी आदेश आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अदालत क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने, उसे अस्वीकार करने या कानून के अनुसार आगे की जांच का निर्देश देने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकती है।

फिलहाल सीबीआई ने अपनी जांच में मौत को आत्महत्या बताया है, जबकि मनीषा के पिता इस निष्कर्ष से असहमत हैं। अंतिम न्यायिक निर्णय का इंतजार है।

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