भिवानी जिले की अनाज मंडियों में इस समय गेहूं की भारी आवक हो रही है, लेकिन उठान की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। अब तक कुल खरीद का केवल लगभग 31 प्रतिशत ही उठान हो पाया है, जिससे मंडियों में फसल का अंबार लग गया है। जिले की 13 मंडियों में किसानों की उपज खुले में पड़ी हुई है, जो बदलते मौसम के चलते चिंता का विषय बन गई है।
किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से अपनी फसल मंडियों में लेकर बैठे हैं, लेकिन समय पर उठान नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खुले में रखी फसल पर बारिश या तेज आंधी का खतरा बना हुआ है, जिससे गुणवत्ता खराब होने और आर्थिक नुकसान की आशंका है।
मंडी अधिकारियों के अनुसार, आवक अचानक बढ़ने के कारण उठान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। परिवहन और श्रमिकों की कमी भी एक बड़ी वजह बताई जा रही है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि उठान की गति बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय मौसम में बदलाव तेजी से हो रहा है, जिससे फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में जरूरी है कि उठान प्रक्रिया को तेज किया जाए और फसल को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
किसानों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द उठान की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि उनकी मेहनत पर पानी न फिर जाए।
यह स्थिति न केवल किसानों के लिए चुनौती बन रही है, बल्कि कृषि प्रबंधन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है।
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